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जालन्धर : भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और गोलकीपर पीआर श्रीजेश का कहना है कि वह चाहे कॉमनवैल्थ गेम्स में कोई पदक नहीं ले पाए लेकिन जिस तरह लड़कों ने वहां अपनी गेम दिखाई, वह तारीफ के काबिल है। खास तौर पर सूरज कारकेरा और कृष्ण पाठक में भविष्य को लेकर काफी उम्मीदें देखीं जा सकती थीं। मेरी भी कोशिश है कि नए प्लेयर्स को ज्यादा से ज्यादा मुश्किल हालतों में बढिय़ा खेल दिखाने के लिए प्रेरित कर सकूं।
बीते दिनों चोट के कारण बाहर रहे श्रीजेश ने कहा कि जब उम्र बढ़ती है तो चोट लगने का डर और भी ज्यादा हो जाता है। आपमें फुर्ति की कमी होने लगती है। इसलिए मैं अब कोशिश करता हूं कि हमारी टीम में जितने भी यंग हॉकी प्लेयर्स है उन्हें किसी न किसी तरह मोटिवेट करूं ताकि वह बढिय़ा प्रदर्शन करें।