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ढाका : भारतीय फुटबाल टीम के मुख्य कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन ने कहा कि सैफ सुजुकी कप के फाइनल में टीम अच्छे प्रदर्शन को जारी रखने में नाकाम रही जिससे उसने खुद को निराश किया। 7 बार की चैम्पियन भारत को मालदीव ने फाइनल में 2-1 से हराया था। भारतीय टीम यहां अंडर 23 खिलाडिय़ों (सुमित पास्सी को छोड़कर) के साथ पहुंची थी। भारतीय टीम ग्रुप चरण में अपने सभी मैच जीती थी और फाइनल में पहुंचने से पहले टीम ने श्रीलंका, मालदीव और पाकिस्तान को हराया था।

कांस्टेनटाइन ने कल मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा- हम अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेले और यहीं हमारे अनुभव की कमी के बारे में पता चलता है। हम सेमीफाइनल (पाकिस्तान के खिलाफ) के अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके और जब आप युवा खिलाडिय़ों के साथ खेलते है तो ऐसा होता है। उन्होंने कहा- उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं थी और उनके पास इस स्तर पर हर मैच को खेलने के अनुभव की कमी भी थी। वे इससे सीखेंगे। मुझे नहीं लगता कि हमने खुद के अलावा किसी और को निराश किया है। हमारा प्रयास मैच जीतने के लिए काफी नहीं था लेकिन हमें यहां से आगे बढऩा होगा।

भारतीय कोच ने हालांकि कहा कि पिछले दो सप्ताह में टीम ने जैसा प्रदर्शन किया है, उस पर उन्हें फख्र है। उन्होंने कहा- टीम ने पिछले 10-12 दिनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, मुझे उस पर गर्व है। वे अगले 6-8 वर्षों तक भारतीय टीम के भविष्य है। मुझे उन पर फख्र है और यह उनके लिए सिखने का अच्छा मौका साबित हुआ है। जब कोच से पूछा गया कि फाइनल में क्या भारतीय टीम को मालदीव को हलके में लेना का खामियाजा भुगतना पड़ा तो उन्होंने कहा- मुझे नहीं लगता कि हमने किसी भी समय मालदीव को कमतर आंका था। मालदीव को हमने पूरा सम्मान दिया, लेकिन हम वैसा खेल नहीं दिखा सके जो जिसमें हम सक्षम थे। मालदीव की तारीफ की जानी चाहिए कि उन्होंने हमें गोल करने से रोके रखा।

कांस्टेनटाइन ने कहा- हमने 4 मैचों में 8 गोल किए जो मुझे बुरा प्रदर्शन नहीं लगता है। हां, हम आज (शनिवार) गोल नहीं कर सके। अगर हम 15 मिनट पहले गोल करते तो शायद नतीजा अलग होता। मालदीव की रक्षापंक्ति ने अंत तक अच्छा खेल दिखाया और चैम्पियन बनी। मैं उन्हें बधाई देना चाहूंगा।