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बेंगलुरु: साउथ जोन ने 2026/27 दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। कप्तान तिलक वर्मा ने नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। साउथ जोन अब खिताबी मुकाबले में ईशान किशन की अगुवाई वाली ईस्ट जोन से भिड़ेगा।

बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) ग्राउंड-2 पर खेले गए सेमीफाइनल के आखिरी दिन साउथ जोन के सामने 181 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने 43.1 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

पहली पारी में 116* के बाद फिर चमके तिलक

तिलक वर्मा ने दूसरी पारी में 79 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। इससे पहले उन्होंने पहली पारी में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 116 रन की नाबाद पारी खेली थी। जीत के दौरान तिलक ने रविचंद्रन स्मरण के साथ चौथे विकेट के लिए नाबाद 80 रन की साझेदारी की। स्मरण 32 रन बनाकर नाबाद रहे और दोनों ने मिलकर साउथ जोन को बिना किसी और नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

नॉर्थ जोन की दूसरी पारी 297 रन पर सिमटी

दिन की शुरुआत नॉर्थ जोन ने साउथ जोन के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की उम्मीद के साथ की थी। हालांकि साउथ जोन के तेज गेंदबाज एमडी निधीश ने निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज निधीश ने नॉर्थ जोन की दूसरी पारी के आखिरी तीन विकेट झटके और 5/56 के शानदार आंकड़े दर्ज किए। यह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका 10वां पांच विकेट हॉल भी रहा। नॉर्थ जोन अपनी दूसरी पारी में 297 रन बनाकर ऑलआउट हुआ। उसकी ओर से सनत सांगवान ने 76 और आयुष दोसैजा ने 52 रन बनाए।

रिकी भुई ने दी तेज शुरुआत

181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे साउथ जोन को सलामी बल्लेबाज रिकी भुई ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। उन्होंने शानदार शॉट्स लगाते हुए 42 रन बनाए और शुरुआती चरण में लक्ष्य को तेजी से कम किया।

हालांकि लंच से ठीक पहले और उसके बाद नॉर्थ जोन ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर अबिद मुश्ताक ने साउथ जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।

102/3 पर लड़खड़ाया साउथ जोन

गुरनूर बरार ने रिकी भुई को आउट किया, जिसके बाद अबिद मुश्ताक ने शेख रशीद को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद उन्होंने नारायण जगदीशन को 43 रन पर स्टंप आउट कराया। इन विकेटों के कारण साउथ जोन का स्कोर एक समय 102/3 हो गया और टीम थोड़ी मुश्किल स्थिति में नजर आई।

तिलक ने संभाली पारी, स्मरण के साथ दिलाई जीत

दबाव के बीच कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पिच के बल्लेबाजी के लिए बेहतर होते जाने का फायदा उठाया और स्पिन गेंदबाजी का धैर्य के साथ सामना किया। तिलक ने जरूरत के मुताबिक अपनी पारी की रफ्तार बढ़ाई और रविचंद्रन स्मरण के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। स्मरण 2025/26 रणजी ट्रॉफी सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे और उन्होंने यहां भी कप्तान का अच्छा साथ दिया।

पिछले साल की हार के बाद साउथ जोन की नजर खिताब पर

साउथ जोन पिछले साल दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खिताब से चूक गया था। इस बार टीम ने सेमीफाइनल में मजबूत प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। दूसरी ओर, ईस्ट जोन ने डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।

1970/71 के बाद पहली बार ऐसा फाइनल

दलीप ट्रॉफी का आगामी फाइनल एक खास वजह से भी ऐतिहासिक होगा। साउथ जोन और ईस्ट जोन की टीमें 1970/71 सीजन के फाइनल के बाद पहली बार टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू होगा। ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन करेंगे।

मैच का स्कोरकार्ड

नॉर्थ जोन: 195 और 297 रन (72.4 ओवर)
साउथ जोन: 312 और 182/3 (43.1 ओवर)
तिलक वर्मा: 51*

नतीजा: साउथ जोन ने नॉर्थ जोन को 7 विकेट से हराया।

फाइनल में साउथ जोन बनाम ईस्ट जोन

सेमीफाइनल में जीत के साथ साउथ जोन अब खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है। कप्तान तिलक वर्मा की शानदार फॉर्म टीम के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर है। पहली पारी में 116* और दूसरी पारी में 51* के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में बल्ले से अपनी कप्तानी का शानदार उदाहरण पेश किया। अब 6 सितंबर से चेन्नई में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खिताबी जंग होगी।