IPL 2019
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नई दिल्लीः भारतीय पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने टीम के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए कोच रवि शास्त्री पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी में आत्मविश्वास की कम दिखी। मुख्य कोच रवि शास्त्री समेत भारतीय टीम प्रबंधन ने इंग्लैंड दौरा करने से पहले खुद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बताया था। लेकिन नतीजे उनके पक्ष में न आने के बाद सहवाग का मानना है कि इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता है अगर इसे आप मैदान पर साबित नहीं कर पाते हैं।

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बातें करने से बेस्ट ट्रैवलिंग टीम नहीं बनती
एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए सहवाग बोले, ''बेस्ट ट्रैवलिंग टीम मैदान पर अपने प्रदर्शन से बनती न कि ड्रेसिंग रूम में बैठकर बातें करने से। कोई भी जो कहना चाहें कह सकता लेकिन जब तक आपका बल्ला नहीं चलेगा आप कभी भी बेस्ट ट्रैवलिंग टीम नहीं बन सकते हैं।" जब सहवाग से पूछा गया कि मौजूदा सीरीज में भारत की हार का मुख्य कारण क्या रहा, तो उन्होंने कहा कि वह इंग्लैंड में स्पिन न खेल पाने की भारतीय बल्लेबाजों की अक्षमता पर हैरान थे। 

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इंग्लिश बल्लेबाजों ने हमारे बल्लेबाजों से बेहतर स्पिन को खेला
उन्होंने आगे कहा, "यहां तक कि पिछली बार भी जब भारत यहां आई थी तब भी मोइन अली दौरे पर स्पिनरों के बीच सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में उभरा था। मुझे लगता है कि उन्होंने अश्विन की तुलना में बेहतर गेंदबाजी की, यहां तक कि इंग्लिश बल्लेबाजों ने हमारे बल्लेबाजों से बेहतर स्पिन को खेला। हालांकि ऐसा माना जाता है कि उपमहाद्वीपीय बल्लेबाज स्पिन को अच्छी तरह से खेलते हैं। लेकिन हमें दूसरी पारी में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए इंग्लैंड को श्रेय देना चाहिए।"

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कोहली के बयानों की भी आलोचना की
सहवाग ने सीरीज हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली के बयानों की भी आलोचना की। कोहली के बयानों की आलोचना करते हुए सहवाग ने कहा, "हमने पहले ही सौरव गांगुली के तहत केवल एक टेस्ट मैच जीतने की कला सीखी हुई है, लेकिन हम विदेशों में एक सीरीज जीत नहीं पाए हैं। इसलिए समस्याएं अभी भी पहले जैसी ही हैं। उस समय समस्या ये थी कि हमारे बल्लेबाज रन बनाते थे लेकिन गेंदबाज 20 विकेट नहीं ले पाते थे। लेकिन अब हमारे पास गेंदबाजी वैसी है लेकिन बल्लेबाजी नहीं है जो रन बना सके। 

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आगे सहवाग ने कोहली के बारे में बात करते हुए कहा, ''हमने पिछले कुछ टेस्ट में एक बार या दो बार छोड़कर एक पारी में हमने 300 से अधिक रन नहीं बनाए हैं। यह कहना बहुत आसान है कि 'हम कोशिश कर रहे हैं', 'हम उस लाइन को पार नहीं कर पा करे हैं' या 'हम अगली सीरीज में कोशिश करेंगे'। हम पिछले एक दशक के लिए इन्हीं बयानों को दोहरा रहे हैं और हमने अभी तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में एक भी सीरीज नहीं जीती है।"

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