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नई दिल्लीः भारत के पर्वतारोही सत्यरूप सिद्धांत ने उत्तरी अमेरिका के मैक्सिको में माउंट पिको डे ओरिजाबा के शिखर पर पहुंचकर वहां जन-मन-गण गाते हुए तिरंगा फहराया जो सभी भारतीयों के लिए गौरव का क्षण बन गया। सत्यरूप ने यह चढ़ाई हाल में पूरी की। सत्यरूप को अब विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए केवल एक शिखर पर चढऩा बाकी है। उन्होंने 18 जनवरी को माउंट सिडले पर चढऩे का लक्ष्य तय किया है। इससे वह सातों महाद्वीपों की सात चोटियों और सात ज्वालामुखी पर्वतों को फतेह करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन जाएंगे।

सत्यरूप ने कहा,‘‘शिखर पर पहुंचने पर बड़े ही आनंद की अनुभूति हो रही है और भारतीय राष्ट्रगान जन गन मन..इतनी ऊंचाई पर गाना अपने आप में एक उपलब्धि है, अब मैं गिनीज रिकॉर्ड से एक कदम दूर हूं और मैं उम्मीद करता हूं कि और भी भारतीय पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेल पर ध्यान देंगे।’’ इस समय सातों महाद्वीपों की सात चोटियों और सात ज्वालामुखी पर्वतों को सबसे कम उम्र में फतह करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पर्वतारोही डेनियल बुल के नाम पर है। डेनियल बुल ने 36 साल 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
Satyarup Siddhanta image

सत्यरूप जब जनवरी में अंटाकर्टिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी माउंट सिडले की चढ़ाई शुरू करेंगे तो उनकी उम्र 35 साल 9 महीने होगी। बुल ने अर्जेंटीना-चिली बॉर्डर पर स्थित सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत ओजोस डेल सालाडो पर चढ़ाई पूरी कर 27 अप्रैल 2017 को गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया था। पिछले महीने की शुरुआत में सत्यरूप ने ओसनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी माउंट गिलुवे और पापुआ न्यू गिनी के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट विल्हम पर चढ़ाई की थी। वह इन दोनों पर्वतों को फतह करने वाले पहले भारतीय बने थे।

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