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मुंबईः रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता विश्व की दूसरे नंबर की बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू और अमेरिका के महान वालीबाल खिलाड़ी दो बार के ओलंपिक पदक विजेता डेविड लीको को पहले प्रो वॉलीबॉल लीग का ब्रांड दूत बनाया गया है। यह लीग फरवरी 2019 में खेली जाएगी। सिंधू का वालीबॉल के प्रति आर्किषत होना स्वाभाविक है, क्योंकि उनके माता-पिता बड़े स्तर पर इसे खेल चुके हैं। उनके पिता रामन्ना उस भारतीय वॉलीबॉल टीम के सदस्य थे, जिसने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस खेल में उनके योगदान के लिये उन्हें वर्ष 2000 में अर्जुन अवार्ड मिला था। सिंधू की मां विजया ने भी राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे का प्रतिनिधित्व किया है।          

सिंधू ने कहा, ‘‘मैं यही सुनकर बड़ी हुई हूँ कि मेरे माता-पिता वॉलीबॉल खेलते थे और उन्होंने विभिन्न आयोजनों में अपनी टीमों और देश का प्रतिनिधित्व किया है। यह बहुत ऊर्जा वाला और दर्शनीय खेल है। प्रो वॉलीबॉल लीग से इस खेल को बढ़ावा मिलेगा और डेविड ली के आने से सभी खिलाडिय़ों को उनके अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा।’’ ली ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लीग से इस खेल को देश में बढ़ावा मिलेगा और खिलाडिय़ों की कुशलता निखरेगी। मैंने पूरी दुनिया में पेशेवर वॉलीबॉल खेला है और मैं वाकई में भारत से नई चुनौती चाहता हूँ।’’         

प्रो वॉलीबॉल लीग में भारत के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे, जैसे मोहन उकरापंडियन, रणजीत सिंह, अखिन जस, दीपेश सिन्हा, गुरिंदर सिंह और प्रभागर्न, आदि शामिल हैं । मोहन वर्तमान में भारतीय वॉलीबॉल टीम के कप्तान हैं और एशिया के सर्वश्रेष्ठ सेटर्स में से एक हैं तथा लगभग एक दशक से भारतीय टीम का हिस्सा हैं। प्रो वॉलीबॉल लीग के पहले सत्र का प्रसारण सोनी टेन 1 और सोनी टेन 3 इंडिया पर फरवरी 2019 में किया जायेगा।      

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