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नई दिल्ली : पिछले सत्र में अधिकतर समय फिटनेस संबंधी मामलों से जूझने वाले भारतीय बैडमिंटन के युगल विशेषज्ञ प्रणव जेरी चोपड़ा का लक्ष्य ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म हासिल करना है। इस 26 वर्षीय खिलाड़ी के लिए पिछला सत्र काफी मुश्किल रहा। पहले वह कंधे के आपरेशन से उबरने में लगे रहे और बाद में वह डेंगू से पीड़ित हो गए जिससे उनकी सारी योजनाएं खटाई में पड़ गई।

पंजाब में जन्में इस शटलर ने पिछले सप्ताह गुवाहाटी में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पुरूष युगल का खिताब जीता जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। एन सिक्की रेड्डी के साथ भारत की सर्वश्रेष्ठ मिश्रित युगल जोड़ी बनाने वाले प्रणव ने पीटीआई से कहा, ‘मानसिक और शारीरिक रूप से बुरे दौर से गुजरने के बाद राष्ट्रीय खिताब मेरे लिये बहुत मायने रखता है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा ध्यान अप्रैल के आखिर से शुरू होने वाले ओलंपिक क्वालीफिकेशन से पहले पूरी फिटनेस हासिल करने पर है।’ पिछले साल मई में प्रणव के कंधे में चोट लग गयी थी जो सितंबर में फिर से उभर गई थी।

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प्रणव ने कहा, ‘‘मई में मेरे कंधे में चोट लग गयी थी जिसके लिये मुझे दो सप्ताह के विश्राम की जरूरत थी लेकिन सितंबर में हैदराबाद ओपन के दौरान फिर से चोट उभर आयी। उस समय हड्डी पर इसका असर हुआ। हमने जापान और चीन में आवेदन भेज दिये और मुझे दर्द के बावजूद खेलना पड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे चिकित्सक ने कहा कि मुझे एक महीने के विश्राम की जरूरत है लेकिन जब मैं वापसी करने की तैयारी कर रहा था तभी डेंगू से पीड़ित हो गया और मुझे एक सप्ताह तक लुधियाना के अस्पताल में रहना पड़ा। इसके बाद मुझे वापसी करने में तीन महीने का समय लग गया।’

प्रणव की निगाहें अब 29 अप्रैल से शुरू हो रहे तोक्यो ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर अच्छा प्रदर्शन करने पर टिकी हैं। उन्होंने कहा, ‘हम आल इंग्लैंड, स्विस और इंडिया ओपन में खेलेंगे। मैं परिणाम पर ध्यान नहीं दे रहा हूं। हमारी रैकिंग नीचे गिरी है और क्योंकि हम चार पांच टूर्नामेंट में नहीं खेल पाये। इसलिए मैं अपनी फिटनेस हासिल करके रैकिंग में सुधार करने की कोशिश करूंगा क्योंकि हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं।’

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