Sports

कराची : एक तरफ भारत ने पुलवामा आतंकी हमले में मारे गए अपने जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आईपीएल का शुभारंग समारोह कैंसिल कर दिया। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीएसएल का रंगारंग समापन समारोह कर निंदा का शिकार हो रही है। कहा जा रहा है कि क्राइस्टचर्चा में दो मस्जिदों पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को ऐसा समागम नहीं करना चाहिए। हालांकि पीसीबी अध्यक्ष एहसान मनी इससे इतेफाक रखते नजर नहीं आ रहे हैं।

मनी ने पीएसएल का रंगारंग समापन समारोह आयोजित करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि आतंकवाद के कारण क्रिकेट पर रोक नहीं लगाई जा सकती। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की असंवेदनशील रवैये के कारण काफी आलोचना हो रही है जिसने आतंकी हमले में 50 से अधिक लोगों के मारे जाने के बावजूद समारोह का आयोजन किया।

मनी ने कहा- हमने एक मिनट का मौन रखा था। कबूतर उड़ाए और डांस के कार्यक्रम कम कर दिये थे। सारे गीत पाकिस्तान के शहूर गीत थे। उन्होंने कहा कि दहशतगर्दी की सबसे ज्यादा मार पाकिस्तान पर पड़ी है और दहशतगर्दी या दहशतगर्दों की वजह से क्रिकेट पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा ,‘‘ न्यूजीलैंड के हादसे के बाद हम दुविधा में थे । लोग भूल जाते हैं कि हम भी आतंकवाद के भुक्तभोगी हैं । अब दुनिया को पता है कि चुनौतियां क्या है । पाकिस्तान की समस्यायें दूसरों से अलग नहीं है । लेकिन इसकी वजह से क्रिकेट रूक गया तो यह दहशतगर्दों की जीत होगी । खिलाडिय़ों की सुरक्षा सर्वोपरि है लेकिन खेल नहीं रूकना चाहिए।

.
.
.
.
.