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नई दिल्ली: इंडियन सुपर लीग (ISL) ने सोमवार को करण यादव को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। भारतीय फुटबॉल में क्लब-आधारित नए दौर की शुरुआत के बीच यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह लीग ऑफिस की कमान संभालने के साथ कमर्शियल ग्रोथ, ब्रॉडकास्ट रणनीति और फैंस के साथ जुड़ाव को मजबूत करने पर काम करेंगे।

क्लब-आधारित मॉडल में अहम जिम्मेदारी

करण यादव ऐसे समय में ISL के CEO बने हैं, जब लीग अपने पुराने मास्टर-राइट्स मॉडल से आगे बढ़कर क्लब-आधारित कमर्शियल व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। इससे पहले इस मॉडल के तहत Football Sports Development Limited (FSDL) के साथ काम किया जाता था और लीग को वित्तीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा था।

करण यादव ने नई भूमिका पर क्या कहा?

यादव ने ISL की नई व्यवस्था और अपनी भूमिका को लेकर उत्साह जताते हुए कहा, “ISL एक महत्वपूर्ण नए अध्याय में प्रवेश कर रही है और मैं आगे की दिशा तय करने में योगदान देने के इस अवसर को लेकर उत्साहित हूं। क्लब-आधारित मॉडल हमें क्लबों और ISL की मैनेजिंग कमेटी के साथ काम करने के लिए एक मजबूत आधार देता है। हमारा साझा लक्ष्य लीग और भारतीय फुटबॉल को आगे ले जाना है।”

कमर्शियल और ब्रॉडकास्ट पर रहेगा फोकस

नए CEO ने लीग ऑफिस को मजबूत करने और ISL की व्यावसायिक स्थिति को बेहतर बनाने की प्राथमिकता भी बताई। उन्होंने कहा, 'हमारा फोकस एक मजबूत और प्रभावी लीग ऑफिस तैयार करने, लीग की कमर्शियल और ब्रॉडकास्ट पेशकश को मजबूत करने, फैंस के साथ जुड़ाव बढ़ाने और ऐसा माहौल बनाने पर होगा, जहां क्लब टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ सकें।'

भारतीय फुटबॉल को आगे ले जाने का लक्ष्य

करण यादव ने आगे कहा, 'आखिरकार हमारा लक्ष्य ऐसी लीग तैयार करना है, जो अधिक मजबूत, अधिक जुड़ी हुई हो और भारतीय फुटबॉल को आगे ले जाने में सक्षम हो।'

क्लबों के पास होंगे कमर्शियल राइट्स

जुलाई में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) और इंडियन सुपर लीग की मैनेजिंग कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्लब-आधारित व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई थी। इसमें बताया गया था कि आगे ISL के कमर्शियल राइट्स क्लबों के पास होंगे, जबकि AIFF प्रशासनिक नियंत्रण अपने पास रखेगा। इसका उद्देश्य लीग को अधिक व्यापक क्लब-आधारित कमर्शियल मॉडल की ओर ले जाना है।

क्लब-आधारित लीग ऑफिस के पहले CEO

करण यादव क्लब-आधारित लीग ऑफिस की नई संरचना के तहत ISL के पहले CEO बने हैं। उनकी नियुक्ति को लीग की नई प्रशासनिक और व्यावसायिक दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

फुटबॉल से पुराना नाता

करण यादव के करियर की शुरुआत भी फुटबॉल से जुड़ी रही है। उन्होंने एक डिजिटल फुटबॉल पब्लिकेशन की स्थापना की थी, जहां उन्होंने दुनियाभर में 50 लेखकों और 10 एडिटर्स की टीम का प्रबंधन किया।

करीब दो दशक का कारोबारी अनुभव

यादव के पास अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में करीब दो दशक का अनुभव है। उन्होंने राइट्स होल्डर्स, ब्रांड्स और ग्लोबल एजेंसियों के साथ काम किया है। हाल ही में वह JSW Sports में चीफ कमर्शियल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।

नीरज चोपड़ा और पेरिस ओलंपिक से भी जुड़ा काम

JSW Sports में रहते हुए करण यादव ने ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा की कमर्शियल रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने पेरिस ओलंपिक के लिए टीम इंडिया के साथ JSW की किट पार्टनरशिप को भी मैनेज किया।

नीरज चोपड़ा क्लासिक लॉन्च करने में भी निभाई भूमिका

करण यादव ने पिछले साल नीरज चोपड़ा क्लासिक को लॉन्च करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब ISL के CEO के रूप में उनके सामने लीग के कमर्शियल मॉडल को मजबूत करने, ब्रॉडकास्ट रणनीति को बेहतर बनाने और क्लबों व फैंस के साथ जुड़ाव बढ़ाने की चुनौती होगी।

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