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पेरिस : क्ले कोर्ट के बेताज बादशाह स्पेन के राफेल नडाल ने चौथी सीड ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चार सेटों में रविवार को 6-3, 5-7, 6-1, 6-1 से हराकर 12वीं बार रौलां गैरो पर फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया। दूसरी सीड नडाल ने थिएम से यह मुकाबला तीन घंटे एक मिनट में जीता। नडाल ने पिछले साल थिएम को लगातार तीन सेटों में हराया था और इस बार चार सेटों में जीत हासिल की। नडाल ने दूसरा सेट हारने का गुस्सा थिएम पर इस कदर निकाला कि थिएम तीसरे और चौथे सेट में मात्र दो गेम ही जीत पाए।

नडाल का यह 18वां ग्रैंड स्लेम खिताब है। नडाल ने 12 फ्रेंच ओपन के अलावा तीन यूएस ओपन, दो विम्बलडन और एक ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता है। नडाल अब स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के 20 ग्रैंड स्लेम खिताबों के विश्व रिकॉडर् से दो कदम दूर रह गए हैं। नडाल ने फ्रेंच ओपन को 2005, 2006, 2007, 2008, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2017, 2018 और 2019 में जीता है। दूसरी सीड नडाल ने लगातार तीसरी बार और कुल 12वीं बार यह खिताब जीता। दोनों खिलाड़ी लगातार दूसरे वर्ष फ्रेंच ओपन का फाइनल खेल रहे थे। थिएम ने सेमीफाइनल में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टॉप सीड सर्बिया के नोवाक जोकोविच को पांच सेटों में हराया था लेकिन नडाल के खिलाफ वह यह कारनामा नहीं दोहरा सके।

स्पेनिश मास्टर ने पहले सेट की शुरुआत में अपनी सर्विस गंवा दी लेकिन फिर वापसी करते हुए अगले चार गेम जीतकर सेट पर नियंत्रण बना लिया। नडाल ने पहला सेट 6-3 से जीता लेकिन थिएम ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की। उन्होंने दूसरा सेट 7-5 से जीता और तब ऐसा लग रहा था कि वह नडाल के सामने चुनौती पेश करेंगे लेकिन नडाल ने तीसरे सेट में अपने खेल का स्तर ऊंचा करते हुए तीसरे सेट के पहले 11 अंक जीते और दो बार सर्विस ब्रेक हासिल कर सेट 6-1 से निपटा दिया।

चौथे सेट को भी नडाल ने 6-1 से जीता और थिएम के पहले ग्रैंड स्लेम खिताब का सपना तोड़ दिया। इस जीत के साथ नडाल टेनिस इतिहास में किसी ग्रैंड स्लेम खिताब को 12 बार जीतने वाले पहले खि़लाड़ी (पुरुष या महिला) बन गए हैं। नडाल ने मैच में 38 विनर्स लगाए और सात बार थिएम की सर्विस तोड़ी। थिएम ने 31 विनर्स लगाए और दो बार नडाल की सर्विस तोड़ी। नडाल ने 116 और थिएम ने 82 अंक जीते। नडाल पहली और दूसरी सर्विस में थिएम से कहीं बेहतर साबित हुए और यही उनकी जीत का कारण रहा। अपनी जीत के बाद नडाल ने कहा कि यह सब कुछ अविश्वसनीय है और वह अपनी जीत को शब्दों में बयां नहीं कर सकते। नडाल 33 वर्ष की उम्र में फ्रेंच ओपन को जीतने वाले तीसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। नडाल का अब रौलां गैरो की लाल बजरी पर रिकॉर्ड 93-2 पहुंच चुका है। 

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