Sports

नई दिल्ली: राष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने हाॅकी गोलकीपर आकाश चिटके को साल के शुरू में प्रतिबंधित पदार्थ के परीक्षण में पाजीटिव पाए जाने के बाद दो साल के लिए प्रतिबंधित किया। चिटके को नाडा ने 27 मार्च को अस्थायी रूप से निलंबित किया था और आठ अक्टूबर को अंतिम सुनवाई के बाद डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने उन पर न्यूनतम दो साल का प्रतिबंध लगाया।  
PunjabKesari
चिटके को टूर्नामेंट के बाहर किए गए परीक्षण में प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेराइड नोरैंड्रोस्टेरोन का पाजीटिव पाया गया। यह परीक्षण 27 फरवरी को बेंगलुरू में सीनियर हाॅकी टीम के शिविर के दौरान लिया गया था। एजेंसी की वेबसाइट पर गुरूवार को यह अंतिम आदेश अपलोड किया गया, जिसमें जिक्र किया गया था कि डोप का उल्लघंन ‘जान बूझकर नहीं किया गया था’ क्योंकि उन्होंने बाए पैर में चोट के लिए दवाई ली थी।  चिटके के अलावा अन्य स्पर्धाओं के छह खिलाडिय़ों को डोपिंग रोधी संहिता के उल्लघंन के लिए चार साल के लिए प्रतिबंधित किया गया क्योंकि वे साबित नहीं सके कि प्रतिबंधित पदार्थ उनके शरीर में कैसे पहुंचा। पहलवान अमित, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप कुमार, भारोत्तोलक नारायण सिंह, एथलीट सौरभ सिंह, बलजीत कौर और सिमरजीत कौर ये छह खिलाड़ी हैं। 
PunjabKesari
'एडीडीपी' पैनल के सदस्यों में से एक ओलंपियन और पूर्व हाॅकी कप्तान जगबीर सिंह हैं। सभी खिलाडिय़ों के पास इस प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने के लिए तीन हफ्ते का समय है। ऐसी भी संभावना है कि नाडा चिटके पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर सकता है जो उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिन्होंने एशियाई पुरूष चैम्पियंस ट्राफी और ढाका में एशिया कप में जीत दर्ज की थी।