मुल्लनपुर : सीनियर होने के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है और कुलदीप यादव इस बात को अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन एक पारंपरिक मेंटर (गुरु) बनने के बजाय वह अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में नए खिलाड़ियों मानव सुथार और हर्ष दुबे के लिए एक साथी बनना चाहते हैं। अफगानिस्तान टेस्ट से पहले कुलदीप ने कहा कि रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल की कमी खलेगी।
31 साल के कुलदीप यह पक्का करना चाहते हैं कि टीम में नए आने वाले खिलाड़ी सहज महसूस करें और जब भी उन्हें जरूरत लगे, वे उनसे सलाह ले सकें। अफगानिस्तान के खिलाफ यह मैच शनिवार को यहीं शुरू होगा। जियो हॉटस्टार द्वारा आयोजित एक खास इंटरव्यू में कुलदीप ने कहा, 'जब भी कोई नया खिलाड़ी टीम में शामिल होता है, तो आपका काम उसे सहज महसूस कराना होता है। आप चाहते हैं कि वह आपको एक साथी के तौर पर देखे। अगर उसे कोई दिक्कत हो, तो उसे आपसे खुलकर बात करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए और आपको भी उसकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।'
कुलदीप ने आगे कहा, 'अभी दो-तीन युवा खिलाड़ियों के साथ मेरी अच्छी जम रही है। उन्हें अपने आस-पास देखकर अच्छा लगता है।' कुलदीप के लिए युवाओं को टीम में शामिल करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उनसे खेल से जुड़े जरूरी सवाल पूछे जाएं और यह समझा जाए कि वे खेल को कितना समझते हैं। कुलदीप ने कहा, 'हम एक ग्रुप के तौर पर आपस में खुलकर बात करते हैं, खासकर मैदान की स्थितियों के बारे में। अगर मुझे युवाओं की समझ को परखना होता है, तो मैं उनसे पिच, मौसम और टीम को मैच में किस तरह आगे बढ़ना चाहिए, इन सब बातों से जुड़े सवाल पूछता हूं। तो हमारी बातचीत ज़्यादातर खेल की बुनियादी रणनीतियों पर होती है - जैसे किस लेंथ पर गेंद डालनी चाहिए, इस पिच पर किस गति से गेंद डालना सही रहेगा और टेस्ट क्रिकेट में स्पिनरों को कितना सब्र रखना चाहिए। इस फॉर्मेट में सब कुछ सब्र ही है।'
अगर कुलदीप शनिवार से शुरू होने वाले अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते मैच में खेलते हैं, तो अपने करियर में पहली बार उनके साथ न तो रविचंद्रन अश्विन (जो अब रिटायर हो चुके हैं) होंगे और न ही रवींद्र जडेजा (जिन्हें आराम दिया गया है)। कुलदीप ने माना कि इस मैच में जडेजा और यहां तक कि अक्षर पटेल की कमी खलेगी लेकिन उन्होंने सुथार और दुबे की सबसे ऊंचे लेवल पर अच्छा प्रदर्शन करने की काबिलियत पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, 'हां, जड्डू भाई (रवींद्र जडेजा) यहां नहीं हैं, क्योंकि वह रेगुलर टेस्ट खिलाड़ी हैं। हमें टेस्ट मैच में अक्षर पटेल की कमी भी खलेगी। लेकिन हमारी तैयारी अच्छी रही है। यहां कई युवा खिलाड़ी हर्ष, मानव हैं। वाशी (वॉशिंगटन सुंदर) भी अब काफी रेगुलर टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं, इसलिए वह टीम के माहौल में अच्छी तरह ढल चुके हैं।' कुलदीप के मुताबिक, दुबे और सुथार भले ही नए खिलाड़ी हों, लेकिन उनकी तैयारी एकदम सही है। उन्होंने कहा, 'पिछले दो सालों में ये युवा खिलाड़ी (दुबे और सुथार) इंडिया 'ए' के दौरों का हिस्सा रहे हैं। वे रेगुलर तौर पर दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी भी खेल रहे हैं। इसलिए, हो सकता है कि उनके पास इंटरनेशनल अनुभव की कमी हो, लेकिन जब बात तैयारी, मैच की समझ या रेड-बॉल क्रिकेट की आती है, तो वे बिल्कुल टॉप पर हैं, क्योंकि वे रेगुलर खेल रहे हैं।'