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नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका दाैरे से पहले स्पिनर जोड़ी रविचंद्रन अश्विन आैर रविंद्र जडेजा को लेकर कहा कि विदेश दौरे पर इन दोनों  की अंतिम एकादश में जगह पक्की होने की वह गारंटी नहीं दे सकते क्योंकि वहां एक ही स्पिनर से काम चल जायेगा। कोहली का ऐसा बयान अश्विन आैर जडेजा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। उन्होंने यह बात कहकर संकेत दे दिए हैं कि अफ्रीका के खिलाफ वह तेज गेंदबाजों के महत्व देने वाले हैं ना कि स्पिन गेंदबाज को।

बल्लेबाजों को भी देखना होगा
कोहली ने आगे बातचीत करते हुए कहा,‘‘मैं विदेश दौरे पर इसकी सौ फीसदी गारंटी नहीं दे सकता कि हम दो स्पिनरों के साथ उतरेंगे । हमें टीम का संतुलन भी देखना होगा । ये दोनों अपनी बल्लेबाजी क्षमता के कारण टेस्ट मैच में अंतिम एकादश के दावेदार हैं लेकिन विरोधी बल्लेबाजों को भी देखना होगा ।’’  

पिछले रिकाॅर्ड मायने नहीं रखते
उन्होंने कहा ,‘‘ यह समझना होगा कि यदि बाएं हाथ का कोई स्पिनर दाहिने हाथ के पांच बल्लेबाजों को गेंदबाजी कर रहा है या आफ स्पिनर चार खब्बू बल्लेबाजों को गेंद डाल रहा है । गेंद के एंगल से भी काफी फर्क हो जाता है और टेस्ट मैच में वह एक स्पैल भारी पड़ सकता है । ये छोटी छोटी बातें हैं जिनके आधार पर विदेश दौरे पर स्पिनर का चयन किया जायेगा ।’’  कोहली ने कहा, ‘‘ जामथा पर 2008 में पहले टेस्ट के बाद से स्पिनरों ने 100 से ज्यादा विकेट लिये हैं लेकिन कल अंतिम एकादश चुनते समय इस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा । यह मायने नहीं रखता क्योंकि आपको यह भी देखना है कि आप किस तरह के विकेट पर खेल रहे हैं । पिछले रिकाॅर्ड मायने नहीं रखते क्योंकि अब विकेट बदल चुके हैं ।’’  

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