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नई दिल्लीः भारतीय कप्तान विराट कोहली ने साल 2012 के आॅस्ट्रेलिया दौरे की सबसे शर्मिंदगी वाली घटना को ताजा किया है। दरअसल, सिडनी में खेले गए इसी दौरे के दूसरे टेस्ट मैच में बाउंड्री लाइन पर खड़े कोहली को दर्शकों ने कुछ ऐसा कहा जिसे वह सहन नहीं कर सके और दर्शकों को उंगली दिखा दी। बीच की उंगली दिखाने को अभद्र इशारे के रूप में देखा जाता है, जिस कारण उनकी आधी मैच फीस काटी गई। इसके बाद मैच रैफरी रंजन मदुगले ने कोहली को अपने पास बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली।

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प्लीज मुझे बैन मत करिए
कोहली ने कहा, ''रंजन मदुगले ने अगले दिन मुझे अपने रूम में बुलाकर घटना की जानकारी ली थी। उन्होंने मुझसे पूछा कि कल बाउंड्री लाइन पर तुमने क्या किया? इस पर मैंने कुछ नहीं कहा तो उन्होंने मेरी ओर न्यूजपेपर फेंका जिसके फ्रंटपेज पर उस घटना की खबर छपी थी। इस खबर को देखने के बाद मैंने अपनी हरकतों के लिए मदुगले से माफी मांगी। मैंने कहा, मैं बेहद शर्मिंदा हूं, प्‍लीज मुझे बैन मत करिए। मदुगले इस बात को समझते थे कि युवा खिलाड़ियों से ऐसी चीजें हो जाती है और उन्होंने मुझ पर कोई ऐक्शन नहीं लिया।''

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हम मैदान पर गाली सुनने नहीं जाते
इस मैच के बाद कोहली ने कहा, ''यह कभी-कभार काफी निराशाजनक हो जाता है। वे ऐसी चीजें कहते हैं जो क्रिकेट मैदान पर नहीं कहनी चाहिए। हम मैदान पर खेलने जाते हैं, किसी की गाली सुनने के लिए नहीं। अगर वे क्रिकेट का लुत्फ उठाने आए हैं, तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। न की शराब पीकर खिलाड़ियों को गाली देनी चाहिए। यह खिलाड़ियों के प्रति ठीक व्यवहार नहीं है।''

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अपने बचपन के कोच की तारीफों के पुल बांधे
कोहली ने कहा, ''अगर खिलाड़ी कुछ कहता है तो उस पर जुर्माना और बैन लगा दिया जाता है। दर्शक कुछ भी कहकर अपने घर जा सकते हैं। यह उचित तरीके से होना चाहिए।'' कोहली ने अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के उनके खेल को तराशने में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजकुमार शर्मा बाहर से चीजों को देखते थे। मेरे परिवार के बाद वे मुझे सबसे ज्‍यादा अच्‍छी तरह समझते थे इसका कारण यह है कि मैं उनसे कई सालों तक जुड़ा रहा हूं।

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