नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे वनडे में केएल राहुल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। महाराजा यादविंदर सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में राहुल ने महज 87 गेंदों में नाबाद 129 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। राहुल की पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 351/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
नंबर-5 पर भारत के तीसरे सबसे बड़े स्कोरर
केएल राहुल की 129* रन की पारी वनडे क्रिकेट में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भारतीय बल्लेबाज का तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई। इस रिकॉर्ड लिस्ट में राहुल ने एमएस धोनी के 124 रन को पीछे छोड़ दिया और युवराज सिंह तथा धोनी के खास क्लब में जगह बना ली।
भारत के लिए नंबर-5 पर सबसे बड़े ODI स्कोर
139 रन – युवराज सिंह vs ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 2004
134 रन – एमएस धोनी vs इंग्लैंड, कटक, 2017
129 रन* – केएल राहुल vs वेस्टइंडीज, न्यू चंडीगढ़, 2026
124 रन – एमएस धोनी vs ऑस्ट्रेलिया, नागपुर, 2009
धोनी के खास रिकॉर्ड की भी बराबरी
केएल राहुल ने सिर्फ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि शतक के रिकॉर्ड में भी एमएस धोनी की बराबरी कर ली। नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए राहुल अब भारत के लिए संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
युवराज सिंह – 7 शतक
एमएस धोनी – 4 शतक
केएल राहुल – 4 शतक
इस मामले में युवराज सिंह सबसे आगे हैं, जबकि राहुल ने चार शतकों के साथ धोनी की बराबरी कर ली है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ युवराज का रिकॉर्ड भी टूटा
केएल राहुल की इस पारी ने एक और पुराना भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अब राहुल के नाम हो गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम था, जिन्होंने 2005 में कोलंबो में वेस्टइंडीज के खिलाफ 110 रन बनाए थे। राहुल ने नाबाद 129 रन बनाकर युवराज के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दबाव में संभाली पारी, फिर बदला अंदाज
राहुल उस समय बल्लेबाजी करने आए जब भारत ने शुरुआती ओवरों में शुभमन गिल और विराट कोहली के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद उन्होंने रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाला। रोहित ने 92 और गायकवाड़ ने 57 रन की शानदार पारियां खेलीं। पारी जमने के बाद राहुल ने डेथ ओवरों में अपना अंदाज पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शानदार स्ट्रोक लगाए और डीप मिडविकेट के ऊपर से पुल शॉट लगाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया।
राहुल की पारी में दिखी आक्रामक बल्लेबाजी
नंबर-5 पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता, क्योंकि इस भूमिका में बल्लेबाज को एक तरफ पारी संभालनी होती है और दूसरी तरफ डेथ ओवरों में तेजी से रन भी बनाने होते हैं। राहुल ने दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। उन्होंने अपनी नाबाद 129 रन की पारी के दौरान 10 चौके और 6 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने भारत को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और टीम को वेस्टइंडीज के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में मदद की।
विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में राहुल का महत्व
केएल राहुल का मिडिल ऑर्डर विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में योगदान भारतीय टीम के लिए लगातार अहम रहा है। वह जरूरत के मुताबिक पारी को संभालने के साथ-साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी रिकॉर्डतोड़ पारी ने एक बार फिर दिखाया कि 50 ओवर के क्रिकेट में राहुल भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में क्यों गिने जाते हैं।