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जालन्धर (जसमीत सिंह) : आईपीएल-11 में इस बार एक नहीं बल्कि अनेक रिकॉर्ड नए बने हैं। जैसे 14 गेंद में केएल राहुल द्वारा टूर्नामैंट की सबसे तेज फिफ्टी लगाना और एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड। प्लेऑफ शुरू होने से पहले ही 817 छक्के लग चुके हैं। यह पिछले सर्वश्रेष्ठ 734 से कहीं ज्यादा है। अभी चार मैच बाकी है, ऐसे में उम्मीद है कि इनकी संख्या 850 से भी ज्यादा हो जाएगी।

कोलकाता नाइट राइडर्स ने उड़ाए हैं सबसे ज्यादा 125 छक्के
सीजन में सबसे खराब शुरुआत वैसे कोलकाता नाइट राइडर्स की ही हुई थी। लगातार मैच हारने के कारण टीम पर प्लेऑफ से बाहर होने का खतरा बढ़ गया था। ऐसे समय में कोलकाता के खिलाडिय़ों ने जोरदार वापसी की और प्लेऑफ में जगह बना ली। इस दौरान कोलकाता के खिलाडिय़ों ने 125 छक्के भी मारे। ऐसा कर वह टूर्नामैंट में सबसे ज्यादा छक्के उड़ाने वाली टीम भी बन गई है।

टूर्नामैंट से बाहर हो चुकी दिल्ली डेयरडेविल्स है दूसरे स्थान पर
दिल्ली डेयरडेविल्स चाहे ही टूर्नामैंट से बाहर हो गई लेकिन टीम के नए प्लेयर्स ऋषभ पंत, और श्रेयस अय्यर का इस दौरान खूब बल्ला चला। ऋषभ पंत अभी भी इस सीजन में 37 छक्के उड़ाकर पहले नंबर पर बने हुए हैं। जबकि टूर्नामैंट में बतौर टीम दिल्ली 118 छक्के लगातार दूसरे नंबर पर बनी हुई है।

आरसीबी और चेन्नई सुपर किंग्स है बराबरी पर
कोलाकाता और दिल्ली के बाद आरसीबी और चेन्नई सुपर किंग्स इस लिस्ट में संयुक्त तौर पर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ तक 117 छक्के मार चुकी है। इसके बाद 94 छक्कों के साथ मुंबई इंडियंस, 86 के साथ सनराइजर्स हैदराबाद, 85 के साथ किंग्स इलैवन पंजाब और आठवें स्थान पर 75 छक्कों के साथ राजस्थान रॉयल्स बनी हुई है।

हर पारी में लगे हैं सात औसतन छक्के
टूर्नामैंट में प्लेऑफ से पहले तक 817 छक्के लग चुके हैं। ऐसे में प्रति पारी की औसत सात निकलती है। यानी एक मैच में दोनों टीम ने औसतन 14 छक्के लगाए हैं। यह बाकी सीजनों से कहीं अच्छा रिकॉर्ड है। केवल 2012 का सीजन ही इस औसत तक पहुंच पाया था। जब कुल 732 छक्के लगे थे। लेकिन आईपीएल-11 में प्लेऑफ से पहले ही आठ सौ से ज्यादा छक्के लग चुके हैं। ऐसे में टूर्नामैंट खत्म होने तक प्रति पारी औसत छक्के की संख्या बढ़ भी सकती है।

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