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स्पोर्ट्स डैस्क: भारतीय क्रिकेट टीम का जब विंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऐलान हुआ तो तिहरा शतक लगाने वाले करूण नायर का नाम लिस्ट से बाहर था। नायर को टीम में शामिल ना करने के बाद टीम चयनकर्ताओं पर सवाल उठने शुरू हो गए कि आखिर नायर को टीम से क्यों बाहर किया गया। लेकिन दूसरे नजरिए से देखें तो चयनकर्ताओं का फैसला एकदम सही है, क्योंकि नायर घरेलू मैचों में भी उस फाॅर्म से नहीं गुजर रहे जहां से एक खिलाड़ी की टीम में जगह बनने के 'चांस' बनते हैं। अगर नायर के प्रदर्शन पर आप नजर दाैड़ाएं तो यह परिणाम निकलेगा कि उन्हें फिलहाल टीम से बाहर रखा जाना ही बेहतर है। 

6 मैचों में मिला माैका, तिहरा शतक छोड़ दें तो हुए फ्लाॅप
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ऐसा नहीं है कि 26 वर्षीय नायर को टीम में माैके नहीं मिले। उन्होंने 6 मैच खेले हैं, जिसमें से 1 मैच में उन्होंने नाबाद 303 रनों की पारी खेली, यानि कि बाकी बचे 5 मैचों में उनके बल्ले से निकले सिर्फ 74 रन। नायर को तिहरे शतक जड़ने के बाद भी टीम में माैका मिला, लेकिन वो उस समय रन नहीं बना सके। 

2017 में नहीं चला बल्ला
साल 2017 के मार्च में नायर को आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए माैका मिला। लेकिन नायर यहां रन नहीं बना सके आैर यही कारण रहा कि उन्हें फिर टीम में जगह बनाने का माैका नहीं मिला। नायर ने उस दाैरान 26, 0, 23 आैर 5 रनों की पारियां खेलीं थी। 

घरेलू मैदान में भी नहीं खुद को कर पाए साबित
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नायर का बल्ला घरेलू मैदान पर भी शांत है। यह भी एक कारण हो सकता है कि उन्हें टीम में शामिल करना चयनकर्ताओं ने सही नहीं समझा हो। नायर माैजूदा समय में चल रही विजय हजारे ट्राॅफी में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 4 मुकाबले खेले हैं, जिस दाैरान उनके बल्ले से 4, 31, 37 आैर 29 रनों की छोटी पारियां निकलीं जोकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए उपयोगी नहीं हैं।

चयनकर्ता बता चुके हैं नायर को वापसी का तरीका
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टीम चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने नायर को वापसी करने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘उसे रणजी ट्राफी में रन बनाना जारी रखना होगा और आगे जो भी भारत ए की सीरीज होगी, उसमें अच्छा खेलना बरकरार रखना होगा। वह टेस्ट क्रिकेट के लिए भविष्य की योजनाओं में शामिल है। इस समय हमने उसे घरेलू और भारत ए के मैचों में प्रदर्शन करने पर ध्यान लगाने की सलाह दी है।’’ 


 

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