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 मडगांव( गोवा): अब तक एक दूसरे के खिलाफ एक भी मैच ड्रा नहीं खेलने वाली चेन्नईयिन एफसी और एफसी गोवा हीरो इंडियन सुपर लीग( आईएसएल) के दूसरे सेमीफाइनल के पहले चरण मेंकल यहां जब आमने सामने होंगी तो उनका लक्ष्य बढ़त हासिल करके दूसरे चरण के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाना होगा। इन दोनों टीमों के बीच आईएसएल इतिहास में अब तक नौ मैच खेले गए हैं और इनमें से चार में गोवा ने जीत हासिल की है जबकि पांच में चेन्नई ने बाजी मारी है।
गोवा और चेन्नई के बीच नौ मैचों में35 गोल हुए हैं और अगर गोवा के कोच र्सिगयो लोबेरा अपनी शैली पर कायम रहे तो फिर मैच बेहद रोमांचक होने की संभावना है। लोबेरा ने इस अहम मुकाबले पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा‘‘ हम दूसरे टीम के घरेलू मैदान पर किए गए गोल के महत्व के समझते हैं लेकिन इस नियम के कारण हम अपनी शैली के साथ समझौता नहीं करेंगे। पिछले मैच में हमने जीत के लिए कोशिश की थी लेकिन ड्रा से ही हमें संतोष करना पड़ा था।
हमारी टीम को समान मानसिकता के साथ अपना सफर जारी रखना चाहिए। बीते तीन मैचों में हमने अ‘छी खासी संख्या में गोल किए हैं।’’ गोवा ने लगातार तीन जीत के दौरान12 गोल किए और इसी के दम पर वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहा। सबसे खास बात यह है कि गोवा ने पिछले तीन मैचों के दौरान270 मिनट के खेल में सिर्फ एक गोल खाया।
लोबेरा ने कहा कि उनकी आक्रमणपंक्ति ने बेहद शानदार खेल दिखाया लेकिन पूरी टीम की मेहनत के दम पर ही वे सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे। लोबेरा ने अपनी बैकलाइन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा‘‘ अगर हम एक इकाई के तौर पर खेलने में नाकाम रहे तो हमारे लिए सफलता मुश्किल होगी लेकिन फुटबाल में स्कोरर ही हेडलाइन बनाते हैं। मेरे लिए हमारी टीम में कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं, जो काफी मेहनत करते हैं और इनकी मेहनत के दम पर ही कुछ अन्य खिलाड़ी चमक बिखेरते हैं। अगर हमारे सिर्फ11 खिलाड़ी ही अच्छे होते तो हम सेमीफाइनल में नहीं पहुंचते।’’ दूसरी ओर, 2015 में गोवा को ही हराकर आईएसएल का खिताब जीतने वाली चेन्नई ने इस साल लीग स्तर पर अंतिम पांच में से दो मैच जीते। यह टीम इस सीजन में काफी मजबूत दिखी है। इस टीम के पास सबसे अधिक क्लीन शीट्स(7) हैं और इस टीम ने घर से बाहर सबसे कम शाट्स(78) खाए हैं।
चेन्नई की टीम के12 खिलाडिय़ों ने इस सीजन में गोल किए हैं। किसी अन्य टीम में इतनी विविधता नहीं देखने को मिली है। गोवा की टीम फेरान कोरोमिनास और मैनुएल लेंजारोते पर निर्भर है लेकिन चेन्नई के पास ऐसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी स्थान पर खेलते हुए गोल कर सकते हैं। चेन्नई के कोच जान ग्रेगोरी ने कहा‘‘ हमारा लीग तालिका में दूसरे स्थान पर आना इत्तेफाक नहीं था। हमने गोवा और पुणे में जीत हासिल की है लेकिन हम नार्थईस्ट में हार गए। चलन यह है कि हमने बड़े और जरूरी मैचों में जीत हासिल की है। हमने प्लेआफ में जगह बनाई है और अब हम नए सिरे से शुरुआत कर रहे हैं। हमने लीग स्तर पर जितने अंक हासिल किए हैं, उनका सेमीफाइनल और फाइनल में कोई मतलब नहीं रह गया है।’’ गोवा और चेन्नई के बीच दूसरे सेमीफाइनल का दूसरे चरण का मुकाबला13 मार्च को चेन्नई में खेला जाएगा। 

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