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नई दिल्ली : इंडियन सुपर लीग (ISL) से हटने और सीनियर टीम को भंग करने के फैसले के बाद जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों ने टाटा समूह से भावुक अपील की है। खिलाड़ियों का कहना है कि क्लब का बंद होना सिर्फ एक टीम का अंत नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य और युवा खिलाड़ियों के सपनों पर बड़ा असर डाल सकता है।

ISL छोड़ने के फैसले से मचा हड़कंप

जमशेदपुर एफसी ने 1 अगस्त को घोषणा की कि वह 4 सितंबर से शुरू होने वाले इंडियन सुपर लीग (ISL) के आगामी सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। क्लब ने यह फैसला भागीदारी शुल्क जमा करने की तय समय सीमा चूकने के कुछ घंटे बाद लिया। इसके साथ ही सीनियर टीम को भंग करने का भी ऐलान किया गया।

प्रणय हल्दर ने की फैसला बदलने की अपील

क्लब के अनुभवी मिडफील्डर प्रणय हल्दर ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें टाटा समूह से ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कंपनी अपने फैसले पर पुनर्विचार करे क्योंकि ISL युवा खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा मंच है।

हल्दर ने कहा, 'यह मेरे लिए बेहद चौंकाने वाली खबर थी। टाटा समूह से ऐसी उम्मीद नहीं थी। मैं उनसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे अपना फैसला बदलें और ISL में हिस्सा लें। इस क्लब से मेरी कई यादें जुड़ी हैं और मुझे उम्मीद है कि टाटा स्टील और टाटा समूह के प्रमुख इस फैसले पर दोबारा विचार करेंगे।'

अल्बिनो गोम्स बोले- भारतीय फुटबॉल का भविष्य दांव पर

भारत के लिए खेल चुके गोलकीपर अल्बिनो गोम्स ने भी क्लब को बंद करने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक क्लब का मामला नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य से जुड़ा हुआ है। गोम्स ने कहा, 'इस क्लब को बंद करना मुझे बिल्कुल स्वीकार नहीं है। मैं टाटा समूह से अपील करता हूं कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। यह सिर्फ एक या दो साल की बात नहीं है, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य का सवाल है।'

निखिल बारला ने भी उठाई आवाज

मिडफील्डर निखिल बारला ने भी टाटा समूह और टाटा स्टील के शीर्ष अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे युवा खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर दोबारा विचार करें। उन्होंने कहा, 'मैं टाटा समूह और टाटा स्टील के प्रमुखों से अपील करता हूं कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और युवा खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में सोचें।'