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जालन्धर (जसमीत सिंह) : आईपीएल-11 इस कारण भी खास है क्योंकि निलंबन के दो साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स की वापसी हो रही है। उम्मीद मुताबिक चेन्नई ने सबसे पहले अपने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ही चुना। धोनी दो बार सीएसके को आईपीएल ट्रॉफी उठवा चुके हैं। बाकी सीजन भी कोई ऐसा नहीं गुजरा जब वह टॉप-5 में न पहुंचे। 
वैसे भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स शुरू से ही क्रिकेट फैंस की फेवरेट रही है। वो चेन्नई ही थी जिन्होंने सुरेश रैणा, रविचंद्रन अश्विन के साथ रविंद्र जडेजा जैसे प्लेयर्स के करियर को संवारने में पूरी मदद की। अब उम्मीद थी कि सीएसके यंग टैलेंट को लेकर उन्हें ट्रेंड करेगी जिसका फायदा भारतीय टीम को होगा। लेकिन आईपीएल-11 की ऑक्शन प्रक्रिया के द्वारा इसके ऊलट सबकुछ देखने को मिला। 
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सीएसके प्रबंधन ने कई ऐसे फैसले लिए जो अपने पीछे तरह-तरह के सवाल खड़े कर गए हैं। सबसे बड़ा कारण जो इस समय सामने आ रहा है वह है सीएसके प्रबंधन द्वारा 30 की ऊपर पार कर चुके क्रिकेटरों को खरीदने का। क्योंकि टी-20 शुरू से ही युवा क्रिकेटरों की खेल मानी जाती है, ऐसे में सीएसके का यह निर्णय हैरानी से भरा है। इसका एक इशारा महेंद्र सिंह धोनी की तरफ भी जाता है जिननी उम्र अभी 36 साल है। ऐसे में उन्होंने भी युवा प्लेयर लेने में कम दिलचस्पी दिखाई है। 
यह बात इसलिए चर्चा का कारण बन रही है कि क्योंकि सभी जानते हैं कि आईपीएल ऑक्शन में फ्रैंचाइजी मालिक के अलावा अगर किसी की चलती है तो वह होता है टीम का कप्तान। अधिकतर फैसले कप्तान के साथ सलाह के बाद लिए जाते हैं। ऐसे में पहले आईपीएल ऑक्शन के पहले दिन जो प्लेयर सीएसके ने खरीदे वह सभी 30 की उम्र पार कर चुके हैं।

5 प्लेयर जो 32 साल से ऊपर है, सीएसके ने चुने-
हरभजन सिंह (37)
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मुंबई इंडियंस की तरफ से 10 सीजन खेलने वाले हरभजन सिंह को इस बार सीएसके ने खरीद लिया। हालांकि हरभजन अपने बेस प्राइस (2 करोड़) में ही सीएसके द्वारा खरीद लिए गए। लेकिन हरभजन की बढ़ती उम्र के चलते सीएसके द्वारा उन पर जताया गया भरोसा कहीं न कहीं इशारा कर रहा है कि सीएसके को यंग टैलेंट की बजाय अनुभवी क्रिकेटरों की ज्यादा जरूरत है। क्योंकि हरभजन आईपीएल के बेस्ट इकोनमी प्लेयर्स में से एक रहे हैं, ऐसे में सीएसके इसका पूरा फायदा उठाना चाहेगी। 

शेन वॉटसन (36)
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ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑल राउंडर शेन वॉटसन को इस बार सीएसके ने खरीदा है। वॉटसन अभी 36 साल के हैं। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से शुरूआत करने वाले वॉटसन आरसीबी की तरफ से भी खेले। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते वक्त शेन वॉटसन ने महज 33 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था। इसके पीछे एक वजह उनकी घटती फिटनेस और खराब प्रदर्शन भी था। आईपीएल की बात करें तो शुरुआत में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले वॉटसन अब पिछले चार सीजन से औसत प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं। ऐसे में सीएसके द्वारा वॉटसन पर भरोसा जताना, इशारा कर रहा है कि उन्हें यंग नहीं बल्कि अनुभवी क्रिकेटर चाहिए।

ड्वेन ब्रावो (34) 
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टी-20 क्रिकेट में ऑल टाइम फेवरेट रहे वैस्ट इंडीज के ड्वेन ब्रावो भी आईपीएल-11 ऑक्शन से पहले ही चर्चा में आ चुके थे। इसका एक बड़ा कारण गुजरात लांयस का आईपीएल से बाहर होना भी था। क्योंकि ब्रावो गुजरात की तरफ से खेल रहे थे। ऐसे में गुजरात के बाहर होने से ब्रावो किस टीम में जाएंगे, इसको लेकर क्रिकेट फैंस में पहले से उत्सकुता बनी हुई थी। आईपीएल में शुरुआत तीन सीजन मुंबई इंडियंस और फिर सीएसके लिए खेलने वाले ब्रावो अपने ऑल राउंडर प्रदर्शन के चलते चर्चा में रहे हैं। सीएसके की ओर से उन्होंने 2012 इंडियन में 461 रन बनाने के साथ 19 विकेट भी हासिल किए थे। अभी 34 साल के हैं। ऐसे में धोनी ने एक बार फिर से उनपर भरोसा जताकर अपनी मैच्योर सोच का सबूत दिया है।

फाफ डू प्लेसिस (33) 
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दक्षिण अफ्रीका टीम के कप्तान फाफ डू प्लेसिस भी 33 साल के हैं। बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन किसी पहचान का मोहताज नहीं है। प्लेसिस आईपीएल में सबसे पहले 2011 सीजन में नजर आए थे। वह सीएसके के लिए लगातार पांच साल खेले जब तक सीएसके पर दो साल का बैन नहीं लग गया। 2016 में प्लेसिस राइजिंग पुणे सुपरजॉइंट की तरफ से खेले। लेकिन 2018 में जैसे ही सीएसके की आईपीएल में वापसी हुई। कप्तान धोनी ने एक बार फिर से प्लेसिस पर भरोसा जताया है। अनुभवी प्लेसिस मध्यक्रम के मजबूत बल्लेबाज हैं। ऐसे में सीएसके में प्लेसिस को चुनकर धोनी ने पूरा बैलेंस बनाने की कोशिश की है।

केदार यादव (32) 
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पहले टेस्ट क्रिकेट में 300 रन बनाने फिर सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में दो बार तेज तर्रार शतक लगाने से चर्चा में आए केदार यादव को भी सीएसके ने खरीद लिया है। केदार अभी 32 साल के हैं। ऐसे में सीएसके केदार से ओपनिंग करवाने का सोच सकती है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से बढिय़ा प्रदर्शन करने वाले केदार को चाहे टीम इंडिया में ज्यादा समय तक जगह नहीं मिली लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर कई बार चयनकत्र्ताओं को चौंकाया। 

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