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जालन्धर : सीजन में लगातार छठी हार चखने के बाद विराट कोहली काफी निराश नजर आए। उन्होंने मैच खत्म होने के बाद कहा कि हमने सोचा कि 160 का स्कोर यहां टक्कर देने वाला होगा। विकेट काफी ड्राई था। इसकी हमें खबर थी। लेकिन पिछली गेम के मुकाबले यह बिल्कुल अलग थी। पहली पारी में भी ठीक ऐसा ही हुआ था। हमने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। यहां 150 रन का पीछा भी मुश्किल हो सकता था अगर हमने कुछ चांस छोड़े नहीं होती। गेम जीतने के लिए चांस को लेना जरूरी होता है। हम हर खेल के लिए बहाने नहीं दे सकते। हमारे लिए फिर से अच्छा दिन नहीं गुजरा।

कोहली ने कहा- पूरे सीजन में हमारी एक जैसी कहानी रही है। जब एबी आऊट हुए तो मुझे जिम्मेदारी लेनी पड़ी। मेरे साथ स्टोइनिस, मोइन और अक्ष  ने अच्छा खेल दिखाया। लेकिन जब दो सीनियर पिच पर होते हैं तो एक बल्लेबाज का जिम्मेदारी लेनी पड़ती है। इसी कारण बड़ी पारियां बनती हैं। हमारे साथ दिक्कत यही हो रही है। वैसे भी पिच ने हमें स्वतंत्र रूप से खेलने की अनुमति नहीं दी। जिस तरह की स्थिति में मैं आऊट हुआ, उससे भी मैं खुश नहीं था। मुझे लगता है कि अगर मैं पिच पर रुकता तो 25-30 रन और बन सकते थे। 

कोहली ने कहा कि अगर मन भटक जाता है तो आप मिलते चांस को बराबर पकड़ नहीं पाए। टी-20 क्रिकेट में वैसे भी कोई आपको चांस देकर राजी नहीं होता। दिल्ली के कप्तान ने 65 रन बनाए। उनका एक कैच छूटा जब वह महज 4 रन पर खेल रहे थे। टीम के पास कहने के लिए और कुछ नहीं है। हमें इसे स्वीकार करने की आवश्यकता है।

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