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नई दिल्लीः एशियाई पैरा खेलों के भारत के दल को जकार्ता में सोमवार को कुछ घंटों के लिए प्रवेश देने से आयोजकों ने इनकार कर दिया क्योंकि समय पर जरूरी भुगतान नहीं किए गए थे। भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पैरा खिलाड़ी जब खेल गांव पहुंचे जो शुरुआत में उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया क्योंकि खेल मंत्रालय ने तब तक दो लाख 50 हजार डालर का भुगतान नहीं किया था। पीसीआई अधिकारियों ने इसके बाद लिखित में दिया कि चार अक्टूबर तक भुगतान कर दिया जाएगा और इसके बाद ही खिलाडिय़ों को खेल गांव में प्रवेश की स्वीकृति दी गई। एशियाई पैरा खेल जकार्ता में छह अक्टूबर को शुरू होंगे।          

भारतीय दल के साथ जकार्ता गए पीसीआई उपाध्यक्ष गुरशरण सिंह ने कहा क अगस्त में हुए एशियाई खेलों के विपरीत पैरा खेलों में हिस्सा ले रही टीमों को रहने, प्रतियोगिता, पंजीकरण के अलावा अन्य खर्चों का भुगताना करना होता है। गुरशरण ने जकार्ता से पीटीआई को बताया, ‘‘प्रत्येक देश को खेल गांव में अपने खिलाडिय़ों को रखने के लिए भुगतान करना होता है, प्रतियोगिता और पंजीकरण फीस आदि का भी भुगतान करना होता है। इसलिए हमें लगभग 300 खिलाडिय़ों के दल के लिए लगभग ढाई लाख डालर का भुगतान करना होगा। हम यहां बिना कोष के आए हैं और हमें खेल गांव में जाने में दिक्कत हुई।’’          

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उन्हें लिखित में देना पड़ा कि हम चार अक्टूबर तक भुगतान कर देंगे। अगर हम भुगतान नहीं करते हैं तो हमें खेल गांव से जगह खाली करने को कहा जा सकता है।’’ पीसीआई के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 60 पैरा खिलाड़ी और कुछ अधिकारी सोमवार को जकार्ता पहुंचे जबकि बाकी दल अगले कुछ दिनों में पहुंचेगा। इस मुद्दे का बाद में हल निकाल लिया गया और खेल सचिव राहुल भटनागर ने बताया कि जरूरी रकम स्थानांतरित कर दी गई है। भटनागर ने पीटीआई को बताया, ‘‘हमने राशि स्थानांतरित कर दी (सोमवर देर शाम) और अब यह मुद्दा सुलझ गया है। पैरा खिलाड़ी अब खेल गांव के अंदर हैं।’’ 

    

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