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मुंबई : टोक्यो ओलम्पिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद बजरंग पुनिया का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय पहलवान अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में तीन-चार पदक जीत सकते हैं। ओलंपिक का आयोजन इस साल 24 जुलाई से होना था लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसे अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। ओलंपिक का आयोजन अब अगले साल 23 जुलाई से होगा। बजरंग विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक की बदौलत देश को ओलम्पिक कोटा दिला चुके हैं।

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता बजरंग ने भारत के टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी के साथ चैट के दौरान कहा, ‘‘मेरे ख्याल से हम ओलंपिक में इस बार कुश्ती में तीन-चार पदक जीत सकते हैं। विश्व चैंपियनशिप ओलंपिक से ज्यादा कठिन टूर्नामेंट है लेकिन हमने वहां अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे लगता है कि भारतीय पहलवान फॉर्म में हैं और टोक्यो में पदक हासिल करने के मजबूत दावेदार हैं।'

भारत ने पिछले तीन ओलम्पिक में लगातार पदक जीते हैं। पहलवान सुशील कुमार ने बीजिंग 2008 में कांस्य पदक, सुशील ने लंदन 2012 में रजत और योगेश्वर दत्त ने कांस्य तथा महिला पहलवान साक्षी मलिक ने 2016 रियो में कांस्य पदक जीता था। पिछले साल कजाखस्तान में हुए विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में बजरंग (कांस्य, 65 किग्रा), दीपक पुनिया (रजत, 86 किग्रा), विनेश फोगाट (कांस्य, 53 किग्रा) और रवि कुमार दहिया (कांस्य, 57 किग्रा) ने पदक जीते थे और ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। 

इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि अगर वह कुश्ती में आगे नहीं बढ़ते तो गांव में रहकर आम जीवन जीते। उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में अपने पहले पदक को उनके करियर का सबसे यादगार पल बताया। बजरंग ने 19 साल की उम्र में 2013 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। 

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