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नई दिल्ली : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने सितंबर-अक्तूबर में होने वाले आस्ट्रेलिया दौर से पहले ट्रेनिंग शिविर के लिए बेंगलुरू में एकत्रित होना शुरू कर दिया है। इस पूर्ण दौरे के लिए टीमों की घोषणा अभी नहीं हुई है लेकिन लगभग 30 क्रिकेटरों को मंगलवार शाम तक बेंगलुरू पहुंचने को कहा गया है। खिलाड़ी छह दिन के पृथकवास के बाद ट्रेनिंग शुरू करेंगी। 

अभी इंग्लैंड में द हंड्रेड टूर्नामेंट में खेल रही हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्ज, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा को 22 अगस्त तक बेंगलुरू में राष्ट्रीय टीम से जुड़ने को कहा गया है क्योंकि इस महीने के अंत में टीम के आस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले इन्हें भी छह दिन के पृथकवास से गुजरना होगा। हंड्रेड टूर्नामेंट 21 अगस्त तक चलेगा।

आस्ट्रेलिया पहुंचने पर खिलाड़ियों को 14 दिन के पृथकवास से गुजरना होगा जिसके बाद सिडनी में मेजबान आस्ट्रेलिया और भारत के बीच पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इस दौरे पर भारत तीन एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय, एक दिन-रात्रि टेस्ट और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलेगा। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के एक अधिकारी ने बताया कि आस्ट्रेलिया में पहले हफ्ते कड़े पृथकवास से गुजरना होगा। इसके बाद टीम को अगले सात दिन ट्रेनिंग की स्वीकृति मिलने की संभावना है जिसके साथ उनका पृथकवास पूरा होगा।

इंग्लैंड दौरे के बाद यह भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण दौरा होगा। भारतीय टीम अगले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड में होने वाले एक दिवसीय विश्व कप की तैयारी कर रही है। भारतीय टीम के लिए पर्थ के वाका में गुलाबी गेंद का टेस्ट दौरे की सबसे बड़ी चुनौती होगी क्योंकि महिला टीम घरेलू क्रिकेट में भी लाल गेंद से नहीं खेलती है। भारत ने हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला ड्रॉ कराया था जो लगभग सात साल में टीम का पहला टेस्ट था।

भारत को एक दिवसीय और टी20 श्रृंखला दोनों में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की सदस्य शांता रंगास्वामी ने बीसीसीआई के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आस्ट्रेलिया के लिए खिलाड़ियों के रवाना होने से पहले गुलाबी गेंद से घरेलू प्रतियोगिता का आयोजन कराने को कहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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