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गोल्ड कोस्टः भारतीय पुरूष हॉकी टीम महिला टीम की तरह 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भाग्य को नहीं बदल सकी और उसे सेमीफाइनल में हारने के बाद अब कांस्य पदक के लिए खेलना होगा। भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को नजदीकी मुकाबले में 3-2 से पराजित किया। भारतीय महिला टीम कल सेमीफाइनल में आॅस्ट्रेलिया से 0-1 से हार गई थी। पुरूष टीम का इस हार के साथ लगातार तीसरे राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में खेलने का सपना टूट गया। 

भारत से उम्मीद की जा रही थी कि वे सेमीफाइनल में जीत दर्ज करे
भारत को 2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो में फाइनल में आॅस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार उसकी चुनौती सेमीफाइनल में ही टूट गई। भारत से उम्मीद की जा रही थी कि वह सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में प्रवेश करेगा। लेकिन भारतीय टीम मुकाबले में 1-3 से पिछडऩे के बाद सिर्फ हार का अंतर ही कम कर सकी। महिला टीम की तरह पुरूष टीम ने भी मैच में वापसी करने के मौके बनाए लेकिन खिलाड़ियों ने मौके गंवा दिए। भारत ने मैच में चार मिनट शेष रहते पेनल्टी कार्नर पर गोल कर स्कोर 2-3 किया। तब ऐसा लग रहा था कि जिस तरह भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो मिनट में दो गोल कर करिश्माई जीत हासिल की थी वह उस प्रदर्शन को दोहरा देगी। लेकिन करिश्मे बार बार नहीं होते और भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। लगातार दो दिन भारतीय हॉकी टीमों की हार दिल तोडऩे वाली रही।  

भारत को अब कांस्य पदक के लिए पूरा जोर लगाना होगा
न्यूजीलैंड ने सातवें मिनट में ही मैदानी गोल से बढ़त बना ली। ह्यूगो इंगलिस ने न्यूजीलैंड को आगे किया और स्टीफन जैनेस ने 13वें मिनट में एक और मैदानी गोल से स्कोर 2-0 कर दिया। भारत ने पहले हाफ की समाप्ति के समय मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर स्कोर 1-3 किया। भारत के लिए यह गोल हरमनप्रीत सिंह ने दागा। तीसरे क्वार्टर में मार्कस चाइल्ड ने पेनल्टी कार्नर पर गोल कर न्यूजीलैंड को 3-1 से आगे कर दिया। मैच में समय निकलने के साथ भारतीय उम्मीदें टूटती जा रही थी। हरमनप्रीत ने 56वें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर भारत का दूसरा गोल किया। अंतिम चार मिनटों में भारत ने भरपूर कोशिश की लेकिन उसे बराबरी नहीं मिल सकी। हूटर बजने पर भारतीय खिलाड़ी इस हार के साथ काफी निराश दिखे। अब भारतीय खिलाड़ियों को कांस्य पदक मैच के लिए पूरा जोर लगाना होगा ताकि वे खाली हाथ न लौटे।

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