कोलकाता: ऐतिहासिक साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार रात भारतीय फुटबॉल ने एक ऐतिहासिक मुकाबले में पांच बार की फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन ब्राजील का सामना किया। यह दोनों टीमों के सीनियर पुरुष फुटबॉल इतिहास में पहली भिड़ंत थी। भारतीय टीम ने कई मौकों पर ब्राजील को कड़ी चुनौती दी, लेकिन आखिरकार ब्राजील ने 4-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
पहले हाफ में एस्टेवाओ और पेड्रो ने दागे गोल
ब्राजील के लिए एस्टेवाओ ने 28वें मिनट में पहला गोल किया। चेल्सी के इस फॉरवर्ड को बॉक्स के किनारे गेंद मिली और उन्होंने बिना किसी खास चुनौती के आगे बढ़ते हुए बाएं पैर से शॉट लगाया। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू गेंद को रोकने की कोशिश में सफल नहीं हो सके और गेंद नेट में चली गई।
इसके बाद एस्टेवाओ और पेड्रो ने एक बार फिर मिलकर ब्राजील की बढ़त को मजबूत किया। 36वें मिनट में एस्टेवाओ के क्रॉस पर पेड्रो का हेडर सीधे पोस्ट से टकराया। हालांकि, 42वें मिनट में दोनों ने फिर से शानदार तालमेल दिखाया। एस्टेवाओ ने डिफेंस के पीछे पेड्रो के लिए बेहतरीन थ्रू बॉल दी और पेड्रो ने गुरप्रीत के दाएं हाथ के नीचे से गेंद निकालकर स्कोर 2-0 कर दिया।
गुरप्रीत ने शुरुआती मिनटों में बचाया भारत
ब्राजील ने शुरुआत से ही भारत पर दबाव बनाया था। आठवें मिनट में विनीसियस जूनियर बाएं तरफ से अंदर की ओर आए और भारतीय डिफेंडर बिजॉय वर्गीज को छकाते हुए शॉट लिया। हालांकि, गुरप्रीत सिंह संधू ने शानदार बचाव करते हुए ब्राजील को शुरुआती बढ़त लेने से रोक दिया।
भारत ने भी पूरी तरह से डिफेंसिव रवैया नहीं अपनाया। 14वें मिनट में मनवीर सिंह को बाईं तरफ गेंद मिली और उन्होंने ब्राजील के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन ब्राजील के डिफेंडरों ने उन्हें बॉक्स के अंदर घेर लिया।
दूसरे हाफ में भारत ने दिखाया आक्रामक रवैया
हाफ टाइम के दौरान ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने पांच बदलाव किए। वहीं, भारत की ओर से डेब्यू कर रहे प्रभसुखन सिंह गिल के साथ जय गुप्ता और मोहम्मद सनान को मैदान पर उतारा गया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में भारत ने कुछ बेहतर मौके बनाए। 53वें मिनट में रयान विलियम्स ने दूरी से भारत का पहला शॉट ऑन टारगेट लगाया। इसके दो मिनट बाद मनवीर सिंह ने भी बॉक्स के अंदर से शॉट लिया, जिसे ब्राजील के गोलकीपर ने पीछे की ओर धकेल दिया।
सैमुअल लिनो ने बढ़ाई ब्राजील की बढ़त
ब्राजील ने 58वें मिनट में भारत की गलती का फायदा उठाते हुए तीसरा गोल कर दिया। बिजॉय वर्गीज अपने ही बॉक्स के पास गेंद गंवा बैठे और सैमुअल लिनो ने तुरंत इसका फायदा उठाया। उन्होंने गेंद को अपने नियंत्रण में लिया और शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
इसके बावजूद भारत ने आक्रमण करना जारी रखा। 64वें मिनट में रयान विलियम्स ने अपने डिफेंडर को पीछे छोड़ा और बॉक्स में दाखिल हुए, लेकिन माउरो जूनियर ने शानदार ब्लॉक करके भारत को गोल से रोक दिया।
भारत के पास गोल करने के मौके आए
67वें मिनट में भारत के पास एक और अच्छा मौका आया। रयान विलियम्स ने मनवीर सिंह को गेंद दी और खुद बॉक्स के किनारे की ओर बढ़े। मनवीर ने कई डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद गेंद वापस विलियम्स को दी, लेकिन उनका फर्स्ट-टाइम वॉली शॉट दाएं पोस्ट के बाहर निकल गया।
भारत ने मैच के दूसरे हाफ में सिर्फ स्कोरलाइन बचाने के बजाय गोल करने की कोशिश की। टीम के लगातार आगे बढ़ने से स्टेडियम में मौजूद भारतीय फैंस को उम्मीद जगी कि टीम ऐतिहासिक मुकाबले में अपना पहला गोल कर सकती है।
आखिरी मिनट में लिनो ने पूरा किया अपना डबल
इंजरी टाइम में भारत के गोलकीपर प्रभसुखन सिंह गिल ने एक और शानदार बचाव किया। 92वें मिनट में ब्राजील के वांडरसन ने रिबाउंड पर शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गिल ने तेजी से डाइव लगाकर गेंद को रोक दिया।
हालांकि, मैच के आखिरी हमले में सैमुअल लिनो ने अपना दूसरा और ब्राजील का चौथा गोल कर दिया। उन्होंने अंदर की ओर कट करते हुए लो शॉट लगाया, जो गिल के हाथ से निकलकर नेट में पहुंच गया। इसके साथ ही ब्राजील ने 4-0 की बड़ी जीत दर्ज की।
51 हजार से ज्यादा फैंस बने ऐतिहासिक मैच के गवाह
विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन यानी साल्ट लेक स्टेडियम में 51 हजार से ज्यादा फैंस मौजूद थे। भारतीय समर्थकों ने टीम के हर टैकल और अच्छे प्रयास पर जोरदार समर्थन किया, जबकि ब्राजील के विनीसियस जूनियर, मार्क्विन्होस और ब्रूनो गिमाराएस जैसे बड़े सितारों को देखने के लिए भी दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था।
ब्राजील ने अपनी विश्वस्तरीय गुणवत्ता के दम पर मुकाबला जीत लिया, लेकिन भारत ने भी दुनिया की दिग्गज टीम के खिलाफ कई हिस्सों में संगठित और जुझारू प्रदर्शन किया। दोनों टीमों के खिलाड़ी मैच के बाद एक-दूसरे से मिले, हाथ मिलाए और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं।