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कोलकाता : भारत शुक्रवार से यहां होने वाले क्वालीफायर में पूर्व चैंपियन इटली को हराकर शुरुआती डेविस कप ग्रुप फाइनल्स में क्वालीफाई करने के लिए फार्म में चल रहे प्रजनेश गुणेश्वरन और अनुकूल घरेलू हालात पर निर्भर करेगा। मुकाबले की पूर्व संध्या पर आधिकारिक ड्रा के दौरान इटली ने हैरानी भरा फैसला करते हुए अपने शीर्ष रैकिंग वाले खिलाड़ी मार्को सेचिनातो को एकल मुकाबलों से बाहर रखा। एकल में टीम का प्रतिनिधित्व अनुभवी आंद्रियास सेप्पी और डेविस कप में पदार्पण कर रहे 22 साल के मातियो बेरेटिनी करेंगे।

पहले एकल में रामकुमार रामनाथन की भिड़ंत दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी सेप्पी से होगी जबकि बेरेटिनी भारत के नंबर एक खिलाड़ी प्रजनेश से भिड़ेंगे। सेचिनातो युगल मुकाबले के लिए आस्ट्रेलिया ओपन 2015 के चैंपियन विशेषज्ञ युगल खिलाड़ी साइमन बोलेली के साथ जोड़ी बनाएंगे। इस जोड़ी को युगल में रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की भारत की मजबूत जोड़ी से भिडऩा होगा। आमूलचूल बदलाव के बाद अब डेविस कप में दुनिया भर से 12 क्वालीफायर टीमें नवंबर में मैड्रिड में होने वाले फाइनल्स में जगह बनाएंगी। भारत ने इटली के खिलाफ चार मैच गंवाए हैं और सिर्फ एक मुकाबले में जीत दर्ज की है और ऐसे में मेजबान टीम ने 16 साल बाद अपने पसंदीदा कलकत्ता साउथ क्लब (सीएससी) पर वापसी की है। सीएससी कोर्ट पर भारत ने आठ मुकाबले जीते हैं जबकि उसे सिर्फ दो बार हार का सामना करना पड़ा है। भारत ने यहीं इटली के खिलाफ भी अपनी एकमात्र जीत 1985 में विश्व ग्रुप के पहले दौर में दर्ज की थी। भारत को प्रारूप छोटे होने का भी फायदा मिल सकता है। क्वालीफायर के लिए दोनों टीमों में से एक की मेजबानी में होने वाले प्रारूप को बरकरार रखा गया है लेकिन मैच अब दो दिन में खेले जाएंगे।

शुक्रवार को शुरुआती दो एकल मैच होंगे जबकि शनिवार को युगल और उलट एकल खेले जाएंगे। इसके अलावा मैच कड़े बेस्ट आफ फाइव की जगह बेस्ट आफ थ्री सेट में खेले जाएंगे जिससे उलटफेर की संभावना बढ़ जाती है। इटली के तीन खिलाड़ी शीर्ष 50 में शामिल हैं लेकिन इसके बावजूद वह इस मुकाबले को हल्के में नहीं ले सकता। भारत के गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति पहले ही कह चुके हैं कि मेजबान टीम के लिए कोई बहाना नहीं है और उनकी टीम अच्छी शुरुआत के लिए अपने शीर्ष रैंकिंग के एकल खिलाड़ी प्रजनेश (102) पर निर्भर करेगी। आस्ट्रेलिया ओपन के साथ ग्रैंडस्लैम में पदार्पण के बाद लौटे बायें हाथ के प्रजनेश ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ जीत में से एक ग्रास कोर्ट पर दर्ज की है जब उन्होंने कनाडा के डेनिस शापोवालोव को हराया था। शापोवालोव फिलहाल दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी हैं। एकल में जहां प्रजनेश से उम्मीदें होंगी वहीं सबसे अनुभवी भारतीय खिलाड़ी रोहन बोपन्ना युगल में वापसी कर रहे दिविज शरण के साथ मिलकर लय जारी रखना चाहेंगे। इन दोनों ने इसी महीने टाटा महाराष्ट्र ओपन का खिताब जीता था।

भारत को अपने विश्व ग्रुप प्ले आफ मैच में क्रालजेवो में र्सिबया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था और इटली के खिलाफ मुकाबला गैर खिलाड़ी कप्तान भूपति के लिए अग्निपरीक्षा होगा क्योंकि इस तरह की खबरें हैं कि उनका अनुबंध शायद नहीं बढ़ाया जाए। कलकत्ता साउथ क्लब डेविस कप के इतिहास में भारत के लिए भाग्यशाली रहा है। भारत ने 1974 में आस्ट्रेलिया को 3-2 से हराकर ईस्टर्न फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन रंगभेदी शासन के विरोध में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नहीं उतरने का फैसला करके खिताब गंवा दिया था। भारत ने इसी कोर्ट पर विश्व ग्रुप के पहले दौर में स्विट््जरलैंड को वर्षा से प्रभावित मुकाबले में 3-2 से हराया था जिसे रैफरी ने ‘ब्लैक मैजिक’ करार दिया था क्योंकि रात भर बारिश होने के बावजूद मेजबान ने कोर्ट को मुकाबले के लिए तैयार कर दिया था।

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