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जालन्धर : हॉकी विश्व कप के दौरान उस समय विवाद का माहौल बन गया जब भारतीय हॉकी टीम मनप्रीत सिंह अपने कुछ साथियों के साथ एक होटल के वीआईपी लॉन्ज में पहुंचे। यहां हॉकी फैंस उनके ऑटोग्राफ व सेल्फी लेना चाह रहे थे। लेकिन मौके पर मौजूद हॉकी इंडिया के एक आला अधिकारी को यह बात गंवारा न गुजरी। आरोप है कि उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए भारतीय कप्तान समेत सभी खिलाडिय़ों को गेट आऊट तक कह दिया। मामला बढऩे पर भारतीय कप्तान को स्पष्टीकरण देने के लिए आगे आना पड़ा। मनप्रीत ने प्रेस कांफ्रैंस कर कहा कि यह एक मामूली बात थी जिसका तिल का ताड़ बनाया जा रहा है। दरअसल उक्त वीआईपी लॉन्ज में खिलाडिय़ों के जाने पर प्रतिबंध था। हम गलती से वहां गए। यह हमारी गलती थी। बता दें कि जिस वक्त यह घटना हुई तब लॉन्ज में दूसरे देशों के कई पूर्व खिलाड़ी भी मौजूद थे। इनमें से किसी एक ने सोशल साइट्स पर घटना का जिक्र करते हुए खिलाडिय़ों के साथ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने के लिए अधिकारी को लताड़ा था। 

यह है मामला
दरअसल, भारतीय टीम कनाडा और नीदरलैंड्स के बीच चल रहा मैच देखने के लिए पहुंची थी। क्योंकि भारत का मुकामला क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड्स से ही होना है ऐसे में नीदरलैंड्स के खिलाफ रणनीति बनाने में भारतीय खिलाडिय़ों को मदद मिल सकती थी। इसलिए भारतीय कोच हरेंद्र सिंह, कप्तान मनप्रीत और कुछ खिलाड़ी मैच देखने पहुंचे। इस बीच मनप्रीत और टीम के कुछ खिलाड़ी वीआईपी लॉन्ज में चले गए। वहीं इस अधिकारी ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा- गेट आउट आफ हियर। वॉट आर यू डूइंग हियर।

हॉकी इंडिया ने दी सफाई
मनप्रीत द्वारा मामले की हकीकत सामने लाए जाने के बावजूद भी सोशल मीडिया पर यह मामला गर्मा रहा तो आखिरकार हॉकी इंडिया ने आगे आकर सफाई दी है। हॉकी इंडिया ने साफ किया कि खिलाडिय़ों को वीआईपी लॉन्ज में जाने की इजाजत नहीं है। यह नियमों की अवहेलना है। इसमें खिलाड़ी सस्पेंड तक हो सकते हैं। हॉकी इंडिया ने दावा किया कि पूरे टूर्नमेंट के दौरान कभी भी खिलाडिय़ों पर चिल्लाया नहीं गया। खिलाडिय़ों को इस बारे में जानकारी है कि किस क्षेत्र में जाना है किस में नहीं। कोच और एफआईएच द्वारा दो बार इस बारे में चेतावनी भी दी जा चुकी है। 

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