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नई दिल्लीः दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयन समिति के राष्ट्रीय टीम चयन के मापदंड उनके समझ से परे हैं। चयनकर्ताओं ने अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ टीम का हिस्सा रहे करुण नायर को लगातार छह मैचों में अंतिम 11 में मौका मिले बिना विंडीज के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए चुनी गई टीम से बाहर कर दिया।           

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हरभजन ने कहा, ‘‘ यह ऐसा रहस्य है जिसे हल करने की जरूरत है। तीन महीने तक बेंच पर बैठा खिलाड़ी इतना बुरा कैसे हो सकता है कि वह टीम में बने रहने के लायक भी नहीं है।’’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘यकीन मानिए, राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए यह चयन समिति जिस तरह का मापदंड अपना रही है उससे मुझे उनकी सोच पर तरस आता है।’’     
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टर्बनेटर के नाम से पहचाने जाने वाले इस खिलाड़ी ने कहा कि वह नायर के दर्द को समझ सकते हैं जो टेस्ट क्रिकेट में वीरेन्द्र सहवाग के बाद तिहरा शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि अलग-अलग खिलाडिय़ों के चयन के लिए अलग-अलग पैमाना अपनाया जा रहा है। कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें सफल होने के लिए कई मौके दिए जाते हैं जबकि दूसरों को असफल होने के लिए भी मौका नहीं मिल रहा है। यह सही नहीं है।’’  

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हरभजन ने सवाल किया, ‘‘अगर हनुमा विहारी विंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में सफल नहीं होते है तो आप क्या करेंगे? किसी भी खिलाड़ी के लिए हालांकि मैं ऐसा नहीं चाहूंगा। मेरी शुभकामनाएं विहारी के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर विहारी सफल नहीं होते हैं तो क्या फिर से नायर को चुना जाएगा, ऐसे में क्या वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आत्मविश्वास से भरे होंगे।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले टीम चयन से जुड़े सभी लोग सुधार करेंगे।          

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