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लंदनः आलोचनाओं से घिरे भारतीय कोच रवि शास्त्री ने दावा किया था कि उनकी टीम का विदेशी रिकाॅर्ड पिछले 15-20 वर्षों की टीमों की तुलना में बेहतर है लेकिन इसके एक दिन बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उन्हें याद दिलाया कि भारत ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती हैं। भारत को साउथम्पटन में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में 60 रन से हार मिली, जिससे टीम ने विदेशी सरजमीं पर एक और टेस्ट सीरीज गंवा दी। लेकिन मुख्य कोच शास्त्री ने जोर देते हुए कहा था कि मौजूद टीम का रिकाॅर्ड पिछले 15-20 वर्षों वाली टीमों की तुलना में काफी बेहतर है। 

भारत को सीरीज में मिली कुछ जीत की दिलाई याद
गावस्कर टीम में शास्त्री के साथी खिलाड़ी और कप्तान रह चुके हैं। उन्होंने उन्हें बीते समय में भारतीय टीमों द्वारा सीरीज में मिली कुछ जीत की याद दिलायी। गावस्कर ने गुरूवार को इंडिया टुडे से कहा, ‘‘मैं यही कह सकता हूं कि लंबे समय से कोई भी भारतीय टीम श्रीलंका में नहीं जीती है। लेकिन हम वेस्टइंडीज, इंग्लैंड में जीते थे, हमने आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीते थे।’’ पिछली बार भारत ने 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी। गावस्कर ने कहा, ‘‘मैं यही कह सकता हूं कि 1980 के दशक में टीमों ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में जीत दर्ज की थी। राहुल द्रविड़ ने भी वेस्टइंडीज में 2005 में, 2007 में इंग्लैंड में सीरीज जीती थी। जब भारत ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका को उसकी सरजमीं पर हराया था तो वह टीम के कप्तान थे।’’ 

बल्लेबाजों की आलोचना की
उन्होंने कहा, ‘‘द्रविड़ को उनकी कप्तानी और टीम की जीत में बहुत ही कम श्रेय दिया जाता है। विदेशों में जीत दर्ज करने वाली काफी टीमें रही हैं।’’ गावस्कर ने बल्लेबाजों की आलोचना की जो इंग्लैंड के स्पिनर मोईन अली की गेंदों का सामना नहीं कर सके जिन्होंने नौ विकेट झटके। उन्होंने कहा, ‘‘फुटवर्क की कमी से भारतीय बल्लेबाजों को नुकसान हुआ, वे मोईन अली के खिलाफ गेंद को ठीक से नहीं खेल पा रहे थे। ऐसा सफेद गेंद के क्रिकेट की अधिकता से होता है। वनडे में आपके लिये चार स्लिप नहीं होती जब तेज गेंदबाज गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो आप हिट कर सकते हो।’’ हालांकि इंग्लैंड ने तीन जीत से टेस्ट सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली है लेकिन गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम का आकलन ओवल में होने वाले अंतिम टेस्ट के बाद ही होना चाहिए। 

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