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स्पोर्ट्स डेस्क: PR Sreejesh की जगह अब फ्रांस के अनुभवी कोच Frederic Soyez भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के नए मुख्य कोच होंगे। Hockey India ने गुरुवार को इस नियुक्ति का आधिकारिक ऐलान किया। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पूर्व गोलकीपर श्रीजेश का अनुबंध पिछले साल चेन्नई और मदुरै में हुए FIH जूनियर वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतने के बाद समाप्त हो गया था। हालांकि पांच टूर्नामेंट में पांच पदक जीतने के बावजूद हॉकी इंडिया ने उनका कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया।

श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर जताई थी नाराजगी

श्रीजेश ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने संकेत दिया था कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनका अनुबंध नहीं बढ़ाया गया। हालांकि हॉकी इंडिया ने इस फैसले को 2036 ओलंपिक की तैयारियों से जोड़ते हुए कहा कि संगठन लंबी अवधि के लिए मजबूत और टिकाऊ हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम बनाना चाहता है।

कौन हैं फ्रेडरिक सोयेज?

फ्रेडरिक सोयेज यूरोप के सबसे अनुभवी हॉकी कोचों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1995 से 2010 तक फ्रांस के लिए 196 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 195 गोल दागे। खिलाड़ी करियर के बाद उन्होंने फ्रांस और स्पेन दोनों राष्ट्रीय टीमों को कोचिंग दी। उनके कोच रहते स्पेन की टीम ने 2019 यूरोपीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। सोयेज 2016 रियो ओलंपिक, 2020 टोक्यो ओलंपिक और 2024 पेरिस ओलंपिक में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने दो हॉकी वर्ल्ड कप और छह यूरोपीय चैंपियनशिप में भी कोच की भूमिका निभाई है।

फ्रांस की जूनियर टीम को भी दिलाई सफलता

सोयेज के मार्गदर्शन में फ्रांस की अंडर-18 टीम ने 2025 यूरोपीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वह 2021 से 2024 तक फ्रेंच हॉकी महासंघ के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर भी रहे। हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम, खिलाड़ियों के विकास और पेनल्टी कॉर्नर रणनीति में उनकी विशेषज्ञता को काफी सराहा जाता है।

हॉकी इंडिया ने क्यों चुना सोयेज?

Dilip Tirkey ने उनकी नियुक्ति पर कहा, 'हम हॉकी इंडिया परिवार में फ्रेडरिक सोयेज का स्वागत करते हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का शानदार अनुभव है और उनका कौशल भारतीय हॉकी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम सिर्फ तुरंत मिलने वाले नतीजों पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए मजबूत कोचिंग ढांचा और खिलाड़ियों का बड़ा पूल तैयार करना चाहते हैं।'

भारतीय कोचों के साथ मिलकर करेंगे काम

दिलीप टिर्की ने बताया कि हॉकी इंडिया सभी स्तरों पर भारतीय और विदेशी कोचों को साथ जोड़कर काम कर रही है ताकि खिलाड़ियों के विकास और रणनीति में निरंतरता बनी रहे।