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सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी साइमन कैटिच का कहना है कि भारतीय गेंदबाजों ने बेसब्र और बेवजह आक्रामक रूख अपनाने वाले कंगारू बल्लेबाजों के खिलाफ दबाव बनाए रखा। जिससे वो पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करने में सफल रहे। भारतीय टीम ने चार मैचों की श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया।
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दोनो देशों के क्रिकेट के 71 साल के इतिहास में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट श्रृंखला में जीत दर्ज की। कैटिच ने एक वेबसाइट से कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज दबाब को नहीं झेल सके। पहले के दौरों पर वे (भारतीय तेज गेंदबाज) इन हालात में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। लेकिन इस श्रृंखला में ये तेज आक्रमण शानदार है और वह रन गति रोककर दबाव बनाए रखने में सफल रहे। गति और विविधता के साथ वे गेंद को स्विंग कराने में सक्षम हैं। दोनों टीमों में यह बड़ा फर्क था।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय गेंदबाजों में काफी सब्र था और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में इतना सब्र नहीं था कि वे दबाव झेल सके। स्पिनरों ने तेज गेंदबाजों का अच्छे से साथ दिया चाहे वह रविचंद्रन अश्विन हो या कुलदीप यादव और रविन्द्र जड़ेजा।’
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कैटिच ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अच्छी शुरूआत को बडी पारी में नहीं बदल सके। उन्होंने कहा, ‘कभी कभी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने यह दिखाया की वे अच्छा कर सकते है लेकिन वे लंबे समय तक ऐसा नहीं कर पाए। टेस्ट क्रिकेट में आपको ऐसा निरंतर करना होता है। मार्कस हैरिस के लिए यह अच्छी श्रृंखला रही। उसके पास अच्छी तकनीक और लंबी पारी खेलने का माद्दा है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए यह बड़ी जीत है क्योंकि पहली बार उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में जीत दर्ज की है। उन्हें अपनी उपलब्धि पर फख्र होना चाहिए। यह पूरी टीम की जीत है।’ उन्होंने श्रृंखला में सबसे ज्यादा 521 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा की तारीफ करते हुए कहा कि पृथ्वी शाॅ और मयंक अग्रवाल के आने से भारत का शीर्ष क्रम काफी मजबूत होगा।

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