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कराची : अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) ने प्रो लीग प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान हाकी महासंघ (पीएचएफ) पर 170,000 यूरो का जुर्माना लगाया है लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीएसएफ ने कहा कि वे जुर्माने की रकम अदा करने की स्थिति में नहीं है। पीएचएफ ने पुष्टि की कि अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में प्रो लीग मैचों के लिए राष्ट्रीय टीम नहीं भेजने पर एफआईएच ने इस हफ्ते हुई कार्यकारी बोर्ड बैठक में पाकिस्तान पर 170,000 यूरो का जुर्माना लगाया।

पीएचएफ के सचिव शाहबाज अहमद ने बुधवार को कहा कि उन्होंने एफआईएच से जुर्माने की रकम को कम करने के लिए कहा है और इसे किश्तों में इसका भुगतान करने की मांग की है। शाहबाज ने कहा- मैंने एफआईएच के सदस्यों को कहा है कि प्रो लीग में टीम भेजने के लिए हमारे पास पैसे नहीं है तो हम इतना भारी जुर्माना कहा से चुकाएंगे। मैंने उनसे कहा कि उन्हें पाकिस्तान हाकी के संकट को समझना चाहिए और जुर्माना लगाने कि जगह हमारी मदद करनी चाहिए। 

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और ओलंपियन शाहबाज ने कहा- फिलहाल मैं इस बात को लेकर राहत महसूस कर रहा हूं कि एफआईएच ने हम पर प्रतिबंध नहीं लगाया लेकिन मैं उन्हें इस बात के लिए तैयार करने की कोशिश करूंगा कि जुर्माने को किश्तों में अदा करने की छूट दी जाए। एफआईएच ने पीएचएफ को 20 जून तक जुर्माने की रकम अदा करने की तिथि दी है और ऐसा नहीं करने की स्थिति में जुर्माना दोगुना हो जाएगा। शाहबाज एफआईएच के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य हैं, जिसका नेतृत्व भारत के नरिंदर बत्रा कर रहे हैं।

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