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गोल्ड कोस्ट : भारतीय महिला हॉकी के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सदस्य भी कॉमनवैल्थ गेम्स दौरान ब्रॉन्ज मैडल के हो रहे मैच में इंग्लैंड से 1-2 से हार गए। महिलाओं का भी इंगलैंड के खिलाफ मैच था जिसमें उन्हें 6-0 से हार झेलनी पड़ी थी। इंग्लैंड ने इसके साथ ही ग्रुप चरण में भारत के खिलाफ 3-4 की हार का बदला चुकता कर दिया। इंग्लैंड की ओर से सैम वार्ड (सातवें और 43वें मिनट) ने दो गोल दागे जबकि भारत की ओर एकमात्र गोल वरूण कुमार ने 27 वें मिनट में किया।  

भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह हैं निराश 
भारत ने पिछले दो टूर्नामेंट में रजत पदक जीते और दोनों बार उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह इस नतीजे से निराश हैं। उन्होंने कहा- हम यहां पदक जीतने के लिए आए थे लेकिन हम यह हासिल नहीं कर पाए। इस टूर्नामेंट में हम काफी खराब खेले। हम काफी निराश हैं, हमने उम्मीद नहीं की थी कि इस दौरे पर यह नतीजा रहेगा। 

बार-बार मौके मिले, फायदा नहीं उठा सकी भारतीय टीम
उन्होंने कहा- हमें कई चीजों में सुधार करना होगा, जैसे प्रत्येक मौके का फायदा उठाना क्योंकि प्रत्येक मैच में हमें पहले दो मिनट में मौके मिले लेकिन हम हमेशा इसका फायदा उठाने में चूक गए। भारत ने फाउल करके इंग्लैंड को पहला पेनल्टी कार्नर मिला। वार्ड के प्रयास को अमित रोहिदास ने रोक दिया लेकिन दूसरे प्रयास में वार्ड ने दाएं छोर पर गोल दागकर सातवें मिनट में इंग्लैंड को 1-0 से आगे कर दिया।       

इंग्लैंड ने मैन टू मैन माॢकंग से जीत पाई
भारतीय फारवड्र्स को इंग्लैंड की मैन टू मैन माॢकंग से काफी परेशानी हुई। भारत के लिए मनदीप सिंह और ललित उपाध्याय ने इसके बाद अच्छा मौका बनाया। रोहिदास और वरूण ने इसके बाद अच्छे तालमेल से गोल दागकर भारत को 1-1 से बराबरी दिला दी। भारत को 31 वें मिनट में एक और मौका मिला लेकिन ललित के शाट को मनदीप गोल की राह नहीं दिखा सके।

इंगलैंड के पेनल्टी कार्नर रोके लेकिन गोल नहीं कर पाए
इंग्लैंड के भारतीय डिफेंस की खामी से 39वें और 42वें मिनट में दो पेनल्टी कार्नर मिले। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने वार्ड की पहली ड्रैग फ्लिक को रोका लेकिन दूसरी पेनल्टी कार्नर को वार्ड ने गोल में डालकर इंग्लैंड को 2-1 से आगे कर दिया। भारत ने इसके बाद बराबरी हासिल करने की भरसक कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इंग्लैंड को 50वें और 54 वें मिनट में दो और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन टीम इनमें से किसी को भी गोल में नहीं बदल सकी।

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