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लंदन : नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और राफेल नडाल की कोशिश कल से शुरू होने वाले विम्बलडन ग्रैंडस्लैम में खिताब जीतकर एक और ट्राफी अपने नाम करने की होगी जबकि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी खेल के इन सितारों को ऐसा करने से रोकने के लिये प्रयासरत रहेंगे। महिलाओं के वर्ग में एशले बार्टी विम्बलडन में आस्ट्रेलियाई सूखे को खत्म करना चाहेंगी। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच इसमें गत चैम्पियन हैं और आल इंग्लैंड क्लब में पांचवां खिताब हासिल करने के प्रयत्न में जुटे हैं। दूसरे वरीय फेडरर यहां पर नौंवा खिताब जीत सकते हैं जबकि यहां दो बार के चैम्पियन नडाल लगातार रोलां गैरां और विम्बलडन खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल करने पर निगाह लगाए हैं।

बारह महीने पहले जोकोविच विम्बलडन में खेलने पहुंचे थे, जब उनका करियर ग्राफ नीचे की ओर गिर रहा था। उनकी कोहनी की सर्जरी हुई थी और तब उनकी रैंकिंग 21 थी जो एक दशक में उनकी सबसे निचली रैंकिंग थी। लेकिन एक हफ्ते बाद जोकोविच ने 2018 का खिताब अपने नाम किया, इस तरह यह 2011, 2014 और 2015 में जीत के बाद उनकी चौथी ट्राफी थी। वह आंद्रे अगासी के 1992 के बाद विम्बलडन ट्राफी हासिल करने वाले निचली वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बन गए। इसके बाद से वह प्रेरित हो गए और उन्होंने तीसरा अमेरिकी ओपन व सातवां आस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीता। रोलां गैरां में उन्हें बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल में डोमिनिक थिएम से हारकर बाहर होना पड़ा जिससे उनकी दो बार सभी चारों ग्रैंडस्लैम हासिल करने की कोशिश नाकाम हो गई। जोकोविच सोमवार को पहले दौर में फिलिप कोलश्रेबर से भिड़ेंगे।

वहीं 21वां ग्रैंडस्लैम हासिल करने की कोशिश में जुटे फेडरर ने यहां पहला विम्बलडन 1999 में खेला था। अगर वह नौंवा खिताब जीत लेते हैं तो वह 38 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम चैम्पियन बनने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। स्विस स्टार एक ही ग्रैंडस्लैम में 100 जीत दर्ज करने वाला पहला खिलाड़ी बनने से भी केवल पांच जीत दूर है। फेडरर का सामना मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के लायड हैरिस से होगा जो पदार्पण कर रहे हैं।

नडाल 12वां रोलां गैरां खिताब जीतकर लंदन पहुंचे हैं और 18वें करियर मेजर का मतलब है कि वह फेडरर से केवल दो ग्रैंडस्लैम दूर पहुंच जायेंगे। दूसरी रैंकिंग पर काबिज नडाल को यहां तीसरी वरीयता मिली है, वह 2008 और 2010 में चैम्पियन रह चुके हैं। वह अब तीसरी बार रोलां गैरां-विम्बलडन दोनों खिताब हासिल कर ब्योर्न बोर्ग से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। नडाल 2018 में तीसरा खिताब जीतने के करीब थे, वह 2011 के बाद अंतिम आठ में पहुंचने में विफल रहे हैं। उन्हें पहले दौर में जापान के दुनिया के 258वें नंबर के खिलाड़ी युईची सुगिता से भिड़ना है जबकि दूसरे दौर में निक किर्गियोस के सामने होंगे जिसने उन्हें 2014 में हराकर उलटफेर किया था। विम्बलडन खिताब जीतने के लिये पिछले 17 वर्षों से किसी ने जोकोविच, फेडरर, नडाल और एंडी मरे के अलावा कोई और नाम नहीं लिया। थिएम, एलेक्जेंडर ज्वेरेव और स्टेफानोस सिटसिपास विश्व रैंकिंग में अगले तीन स्थानों पर हैं जो उन्हें चुनौती देंगे।

दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी केई निशिकोरी 2018 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे थे जबकि आठवीं रैंकिंग के केविन पीटरसन 12 महीने पहले उप विजेता थे। आस्ट्रेलिया की 23 वर्षीय खिलाड़ी एशले बार्टी पिछले हफ्ते नंबर एक खिलाड़ी बनी और उन्होंने हमवतन इवोने गूलागोंग कावले की उपलब्धि की बराबरी की। लेकिन वह विम्बलडन में तीसरे दौर के आगे नहीं पहुंच सकी है। सात बार की चैम्पियन सेरेना विलिम्यस पर अब उम्र का असर दिख रहा है और नाओमी ओसाका खराब फार्म में से जूझ रही है। जबकि दो बार की विम्बलडन एकल चैम्पियन पेत्रा क्वितोवा चोटिल होने के बाद शीर्ष स्तर पर वापसी कर रही हैं।

बार्टी को कड़ी चुनौती गत चैम्पियन एंजेलिक कर्बर से मिल सकती है। सेरेना ने हालांकि दावा किया कि वह नहीं जानती कि आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नंबर एक रैंकिंग पर पहुंच गयी हैं। इटैलियन ओपन में वह बहन वीनस के साथ मैच से हट गयी थीं जबकि फ्रेंच ओपन से भी जल्दी ही बाहर हो गयी थी। सेरेना 24वें ग्रैंडस्लेम खिताब की कोशिश में हैं जिससे वह आस्ट्रेलिया की मारग्रेट कोर्ट के साथ पहुंच जायेंगी। कर्बर को ईस्टबोर्न फाइनल में कैरोलिना प्लिस्कोवा से शिकस्त मिली थी लेकिन वह सकारात्मक हैं। पिछली बार वह ईस्टबोर्न के सेमीफाइनल में हार गयी थीं लेकिन अंत में उन्होंने 2018 विम्बलडन खिताब जीता था। 

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