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भुवनेश्वर: एक की पहचान थी उसकी आक्रामकता और दूसरा था हॉकी का ‘कैप्टन कूल' । भारतीय हॉकी को नयी बुलंदियों पर पहुंचाने वाले धनराज पिल्लै और दिलीप तिर्की आज बरसों बाद हॉकी स्टिक थामकर एक दूसरे के आमने सामने थे हॉकी के नये गढ कलिंगा स्टेडियम पर और इस नुमाइशी मुकाबले में बाजी मारी तिर्की की टीम ने। करिश्माई फारवर्ड धनराज और कभी भारतीय हॉकी की दीवार कहे जाने वाले तिर्की की कप्तानी में भारतीय हॉकी के पुराने धुरंधरों और मौजूदा सितारों के बीच यह मुकाबला विश्व कप के मेजबान कलिंगा स्टेडियम के उद्घाटन के मौके पर खेला गया। इसमें तिर्की की टीम 2 - 1 से विजयी रही ।  
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विश्व हॉकी का महासमर 28 नवंबर से 16 दिसंबर के बीच यहां खेला जाना है जिसके लिए नए सिरे से तैयार किये गए स्टेडियम का बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उद्घाटन किया। इसी सिलसिले में इस मैच का आयोजन किया गया था। चक्रवाती तूफान तितली की आशंका और लगातार हो रही तेज बारिश के बीच ओडिशा के दर्शकों ने एक बार फिर अपने हॉकी प्रेम की बानगी पेश करते हुए अच्छी खासी तादाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। छाते लेकर स्टेडियम के भीतर स्कूली बच्चे, युवा और बुर्जुग मैच शुरू होने से एक घंटे पहले से स्टेडियम में डटे हुए थे। आधे घंटे के इस मैच में पंद्रह पंद्रह मिनट के दो हाफ थे पहला हाफ गोलरहित रहने के बाद दूसरे हाफ में तिर्की की टीम के लिए पूर्व फारवर्ड दीपक ठाकुर ने 17वें मिनट में पहला गोल किया जबकि कुछ मिनट बाद बढत उन्होंने ही दुगुनी की ।
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धनराज की टीम के लिये 22वें मिनट में गुरजंत सिंह ने एकमा्त्र गोल दागा । मैच में पहले हाफ में स्थानीय सितारे तिर्की की टीम को दो पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन कोई गोल नहीं हो सका । दूसरे हाफ में भी दो पेनल्टी कार्नर नाकाम रहे। पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा, सरदार सिंह, प्रभजोत सिंह, ड्रैग फ्लिकर जुगराज सिंह, दीपक ठाकुर और प्रबोध तिर्की जैसे पुराने धुरंधरों के अलावा मौजूदा भारतीय टीम के सदस्य गोलकीपर पी आर श्रीजेश, स्ट्राइकर मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ी भी खेल रहे थे ।  
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पटनायक ने इस मौके पर बताया कि स्टेडियम में दो नए नीली एस्ट्रो टर्फ बिछाई गई है और इसकी दर्शक क्षमता भी 7500 से बढाकर 15000 कर दी गई है । स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के मानदंडों के अनुसार नए सिरे से तैयार करके अत्याधुनिक सुविधायें मुहैया कराई गई है । थोड़ा काम बाकी है जो विश्व कप से पहले पूरा हो जायेगा ।  
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मैच के बारे में तिर्की ने कहा, ‘नौ साल बाद हाकी स्टिक थामकर बहुत अच्छा लग रहा है और वह भी अपने घरेलू मैदान पर । पुरानी यादें ताजा हो गई । विश्व कप से पहले हॉकी का माहौल बनाने के लिए यह मैच बहुत अच्छा रहा ।’ वहीं चौदह साल बाद अपनी नौ नंबर की जर्सी पहनकर खेलने वाले धनराज ने कहा, ‘ओडिशा जिस तरह से हॉकी की नर्सरी बनता जा रहा है , यह भारतीय हॉकी के लिए अच्छा है । अगले महीने यहां विश्व कप होना है और मुझे यकीन है कि हमारी भारतीय टीम बेहतरीन प्रदर्शन करके पोडियम फिनिश करेगी ।’     

 

 

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