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मुंबईः भारत की युवा धाविका हिमा दास ने खुलासा किया कि उन्होंने फिनलैंड में आईएएएफ अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के बारे में अपने माता-पिता को नहीं बताया था जिसमें उन्होंने इतिहास रच दिया था। 

जुलाई में अठारह वर्षीय हिमा ने आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की महिलाओं की 400 मीटर फाइनल रेस में में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया था। 

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हिमा ने कहा, ‘‘मैंने अपने माता-पिता को नहीं बताया था कि मैं इतने बड़े टूर्नामेंट में खेल रही हूं। मैंने उन्हें कहा कि यह एक छोटी सी प्रतियोगिता है। मेरे माता-पिता ने इसे टीवी पर देखा। मैंने अपने कमरे में पहुंचकर अपने पिता को फोन किया तो उन्होंने बताया कि वो सोने जा रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा, मैं विश्व चैम्पियन बन गयी हूं और आप सो रहे हो, जिस पर मेरे पिता ने कहा कि सुबह देखते हैं।’’ फिनलैंड में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा हिमा ने एशियाई खेलों में स्वर्ण के अलावा दो और पदक हासिल किये। उन्होंने कहा, ‘‘आगे का सफर चुनौतीपूर्ण होगा और मैं अच्छी ट्रेनिंग करूंगी। यह थोड़ा कठिन होगा।’’

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