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ओडेन्से (डेनमार्क): राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण विजेता सायना नेहवाल विश्व की नंबर एक खिलाड़ी ताइपे की तेइ जू यिंग के खिलाफ पिछले चार साल से जीत हासिल नहीं कर पाने का गतिरोध नहीं तोड़ सकीं और उन्हें डेनमार्क ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में ङ्क्षयग से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सायना का इस हार के साथ 2012 के बाद यहां दूसरी बार चैंपियन बनने का सपना टूट गया।

विश्व की नंबर एक खिलाड़ी और टॉप सीड जू ङ्क्षयग ने सायना को 52 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13 13-21 21-6 से हराकर महिला एकल का खिताब जीत लिया।  विश्व की 10वें नंबर की खिलाड़ी सायना का इस हार के बाद ङ्क्षयग के खिलाफ 5-13 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। सायना ने नवंबर 2014 से अब तक ङ्क्षयग से अपने पिछले 11 मुकाबले गंवाएं हैं।

SAINA NEHWAL

सायना ने आखिरी बार यिंग को मार्च 2013 में स्विस ओपन में हराया था। तब सायना टॉप सीड थीं जबकि ङ्क्षयग छठी वरीयता प्राप्त थीं। लेकिन उसके बाद से यिंग का कद लगातार ऊंचा होता चला गया। सायना को 2018 में पांच बार ङ्क्षयग से पराजय मिली है। यिंग ने इस साल सायना को इससे पहले एशियाई खेलों, एशियाई चैंपियनशिप, आल इंग्लैंड चैंपियनशिप और इंडोनेशिया मास्टर्स में हराया था।

डेनमार्क ओपन के फाइनल में ङ्क्षयग ने पहले गेम में लगातार पांच अंक लेकर 6-1 बढ़त बनायी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने लगातार अपनी बढ़त मजबूत करते हुए पहला गेम 21-13 के अंतर से जीत लिया।  दूसरे गेम में सायना ने हैरतअंगेज वापसी करते हुए 5-2 की बढ़त बनायी और फिर 8-3, 12-5, 18-9 से आगे रहते हुए 21-13 पर दूसरा गेम समाप्त कर मैच में बराबरी हासिल कर ली।

saina nehwal

दूसरे गेम में सायना के खेल को देखकर लगा कि वह लगातार 10 हार का गतिरोध तोड़ देंगी लेकिन यिंग के इरादे कुछ और ही थे। निर्णायक गेम में ङ्क्षयग ने अपनी सर्विस, शॉट्स और नेट प्ले से सायना को जैसे नौसखिया साबित कर दिया। उन्होंने लगातार 9 अंक लेकर 11-2 की बढ़त बनाने के साथ भारतीय खिलाडी का संघर्ष समाप्त कर दिया। सायना निर्णायक गेम में जैसे समर्पण कर गयीं और इस गेम को 6-21 से हार गईं।

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