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जोहानिसबर्ग: पिछले साल संन्यास लेने वाले दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर एबी डीविलियर्स ने आईसीसी विश्व कप से ठीक पहले टीम से जुड़ने की कोशिश को लेकर उपजे विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा उन्होंने कभी अंतिम समय में टीम से जुड़ने की इच्छा जाहिर नहीं की थी। 

विवाद पर एबी ने रखा अपना पक्ष
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पिछले साल संन्यास की घोषणा करने वाले डीविलियर्स ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, ‘मैंने कोई मांग नहीं रखी। मैंने टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम में शामिल होने की कोई कोशिश नहीं की और मुझे टीम से जुड़ने की उम्मीद भी नहीं थी। मेरी तरफ से इस मामले में कुछ भी नहीं था।' विश्व कप के दौरान मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि 35 साल के इस बल्लेबाज ने विश्व कप के लिए टीम चुने जाने से ठीक पहले संन्यास वापस लेने का मन बना लिया था लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी पेशकश नकार दी। विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की टीम नौ मैचों में सिर्फ तीन जीत दर्ज कर सकी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

संन्यास के कई महीनों तक क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका बोर्ड से संपर्क नहीं 
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डीविलियर्स ने कहा कि संन्यास लेने के दिन उनसे निजी तौर पर पूछा गया था कि क्या वह विश्व कप में खेल सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं मिला। देश के लिए 114 टेस्ट और 228 एकदिवसीय खेलने वाले इस बल्लेबाज ने कहा, ‘संन्यास के कई महीनों तक क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका और उनके बीच कोई भी संपर्क नहीं रहा। मैंने उनसे कभी संपर्क नहीं किया और उन्होंने भी कभी मुझसे संपर्क नहीं किया। मैंने अपना फैसला किया और उसी के साथ आगे बढ़ा। मैंने कोच ओटिस गिब्सन और कप्तान फाफ डु प्लेसिस के शानदार नेतृत्व में खेलने का लुत्फ उठाया।' 

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डीविलियर्स ने हालांकि कप्तान डुप्लेसिस से चैट संदेश में कहा था कि अगर टीम को उनकी जरूरत हुई तो वह चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘फाफ (डुप्लेसिस) और मैं स्कूल के दिनों से दोस्त है। विश्व कप के लिए टीम के चुने जाने से दो दिन पहले मैंने उनसे चैट के जरिये संपर्क किया। आईपीएल में मैं अच्छी फार्म में था और मैंने अनौपचारिक तौर पर उनसे वही बात पूछा जो मुझे एक साल पहले कहा गया था, कि अगर जरूरत हुई तो मैं चयन के लिए उपलब्ध हूं।' डीविलियर्स ने आगे कहा, ‘मेरी तरफ या मुझेसे जुड़े लोगों ने कुछ भी लीक नहीं किया गया, ना ही फाफ (डुप्लेसिस) की तरफ से। शायद कोई आलोचना को दूसरी तरफ मोड़ना चाहता था। मुझे नहीं पता। मुझे गलत तरीके से घमंडी, स्वार्थी और अभद्र बताया गया लेकिन विनम्रता से कहना चाहूंगा की भावना बिल्कुल साफ है।'

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