Top News

ब्रिजटाउनः दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज वेस्टइंडीज के क्रिस गेल ने अपनी घरेलू टीम जमैका के लिए आखिरी लिस्ट ए मैच खेलते हुए ताबड़तोड़ शतक ठोककर लिस्ट ए क्रिकेट को अलविदा कह दिया। गेल ने सुपर 50 मुकाबले में जमैका की तरफ से अपना आखिरी लिस्ट ए मैच खेला। उन्होंने बारबाडोस के खिलाफ शानदार शतक जमाकर टीम को जीत दिलाई और लिस्ट ए क्रिकेट को अलविदा कहा। गेल ने 114 गेंदों में 10 चौके और 8 छक्के उड़ाते हुए 122 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
PunjabKesari

39 वर्षीय गेल का यह लिस्ट ए में 27वां शतक था। गेल के शतक के बावजूद जमैका की टीम 226 रन पर आउट हो गई, लेकिन उसने बारबाडोस को 193 रनों पर ही समेट कर 33 रनों से मैच जीत लिया। गेल ने शतक के अलावा मैच में एक विकेट भी हासिल किया। उन्हें मैन ऑफ़ द मैच भी चुना गया। वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज गेल ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि यह जमैका के लिए उनका आखिरी लिस्ट ए मैच होगा। हालांकि उन्होंने कहा है कि वह जमैका के लिए एक चार दिवसीय मुकाबले में खेलेंगे जो उनके देश के लिए उनका आखिरी मैच होगा। 

पहले ही कर दी थी संन्यास की घोषणा
PunjabKesari
गेल के आखिरी लिस्ट ए मैच को देखते हुए दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान जमैका और बारबाडोस के खिलाड़ियों ने एक साथ मिलकर इस दिग्गज खिलाड़ी को सम्मान दिया। गेल ने लिस्ट ए में अपना पदार्पण 1998/99 में किया था। उन्होंने लिस्ट ए में 356 मैच खेले और 12436 रन बनाये जिनमें 27 शतक और 65 अर्धशतक शामिल थे। मैच से पहले ही क्रिस गेल ने इस बात की घोषणा कर दी थी कि बारबाडोस के खिलाफ जमैका की तरफ से यह उनका आखिरी मैच होगा। टीम की तरफ से ओपनिंग करने उतरे गेल को दोनों ही टीम के खिलाड़यिों की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 

परिवार को देना चाहते हैं समय
PunjabKesari
मैच के बाद गेल ने कहा, ''जमैका के लिए अखिरी 50 ओवर के मुकाबले में शतक लगाने बहुत ही सुखद रहा। मैं हमेशा ही ऐसा ही कुछ करने की सोचा करता था। टीम को जीत दिलाना इसे और भी खास बनाता है।'' गेल ने साथ ही कहा, ''अपने देश की तरफ से खेलना हमेशा ही खुशी देता है। मैं अपने सभी प्रशंसकों को धन्यवाद देता हूं। मैं साथ ही उनका शुक्रगुजार हूं कि 39 साल की उम्र में यहां खड़ा हूं और जमैका के लिए आखिरी मैच में शतक बना पाया।'' उन्होंने कहा, ''मैं 25 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं यह व्यक्तिगत तौर पर काफी बड़ी उपलब्धि है। अब मेरा परिवार मेरे साथ है। उनके साथ जितना संभव हो उतना वक्त बिताना चाहूंगा और मैं बच्चों को बड़ा होते देखना चाहता हूं।''

.
.
.
.
.