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नई दिल्ली: क्रिकेट में उनके योगदान के मद्देनजर फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के नए पवेलियन स्टैंड का उनके नाम पर नामकरण होने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली गुरूवार को पुरानी यादों में खो गए। डीडीसीए ने अपने सालाना पुरस्कार समारोह के दौरान फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम भी अरूण जेटली स्टेडियम रख दिया। 

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कोहली ने जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के भारोत्तोलन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘मैने कभी सोचा भी नहीं था कि इतने बड़े पैमाने पर सम्मान मिलेगा। समझ में नहीं आता कि क्या कहूं क्योंकि मेरा परिवार, पत्नी, भाई और भाई सभी यहां है।' उन्होंने कहा, ‘2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के दौरान मेरे बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने मुझे दो टिकट दिए। मुझे याद है कि जवागल श्रीनाथ के आटोग्राफ के लिए मैने गैलरी फांद दी थी। मैं अपने भाई को बता रहा था कि हम कहां से कहां आ गए।' उन्होंने कहा, ‘आज इसी स्टेडियम में मेरे नाम से पवेलियन होना सपने जैसा है। यह बड़ा सम्मान है।' 

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इस मौके पर अंडर 19 टीम से भारत की कप्तानी तक के कोहली के सफर पर एक एनिमेशन फिल्म भी दिखाई गई । पूरी भारतीय क्रिकेट टीम और सहयोगी स्टाफ इस मौके पर मौजूद था। दिवंगत अरूण जेटली से अपने संबंध के बारे में कोहली ने कहा, ‘मैने अरूण जी के परिवार से कहा कि दुनिया उन्हें अलग तरीके से जानती हो लेकिन मैं उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में ही जानता हूं।' उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता के निधन पर वह मेरे घर आए और मुझे ढांढस बंधाया।' खेलमंत्री किरेन रीजीजू ने इस मौके पर भारतीय टीम को सम्मानित भी किया। पूर्व खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव भी मौजूद थे । 

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