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गोल्ड कोस्ट : कॉमनवैल्थ गेम्स में हिस्सा ले रही पहली ट्रांसजेंडर वेटलिफ्टर न्यूजीलैंड की लॉरेल हुबार्ड के साथ बड़ा हादसा हो गया है। इस कारण उन्हें महिलाओं की 90 किग्रा. से अधिक भार वर्ग से अपना नाम वापिस लेना पड़ा। हालांकि उन्होंने गेम की शुरुआत दौरान ही बढ़त बना ली थी। लेकिन ऐन मौके पर उन्हें चोट लग गई। बता दें कि न्यूजीलैंड की ट्रांसजेंडर भारोत्तोलक को खेलों में हिस्सा लेने के लिए काफी आलोचना झेलनी पड़ी है और इन खेलों में समोआ की टीम ने उनके शामिल होने पर सवाल उठाए थे। 

130 किलोग्राम तक उठा चुकी थीं भार
लॉरेल ने स्नैच के पहले प्रयास में 120 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाया। लेकिन दूसरे और तीसरे प्रयास में वह 127 तथा 132 किग्रा भार नहीं उठा सकीं। हालांकि 120 किग्रा भार उठाकर वह आठ महिलाओं के फाइनल में सबसे आगे हो गई थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में 130 किग्रा भार सफलता से उठाया लेकिन फिर चोट के कारण उन्होंने मुकाबला बीच में छोड़ दिया। 

मुझे दुख है- खेल के दौरान हटने का
40 वर्ष की हुबार्ड ने समोआ की फियागाइगा स्तोवर्स से स्नैच में सात किग्रा भार की बढ़त बनाई जिन्होंने बाद में कुल 253 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण जीता। न्यूजीलैंड की ट्रांसजेंडर खिलाड़ी ने पत्रकारों से कहा- मुझे लगता है कि मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। जांच के बाद ही मैं पूरी जानकारी दे सकूंगी। उन्होंने कहा- मुझे अपने प्रयास पर कोई दुख नहीं है। आपको खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है लेकिन मैंने बीच में हटने का जो फैसला किया उसपर मुझे दुख नहीं है। 

4 वर्ष पहले गैविन हुबार्ड के नाम से जानी जाती थी हुबार्ड
खेलों का रजत नॉरूआन की करिश्मा अमोए तारांत (243 किग्रा) तथा इंग्लैंड की एमिली कैम्पबेल (242 किग्रा) ने कांस्य जीता। हुबार्ड चार वर्ष पहले तक गैविन हुबार्ड के नाम से जानी जाती थीं और राष्ट्रीय स्तर पर बतौर पुरूष चैंपियनशिन में उतरती थीं। लेकिन बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन करा महिला बनने का फैसला किया। वह गत दिसंबर महिलाओं की सुपर हैवीवेट विश्व चैंपियनशिप में अमेरिका की साराह रोबल्स के बाद दूसरे नंबर पर रही थीं।

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