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नई दिल्लीः लंबे समय चल रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) आैर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच मुआवजे के मुद्दे पर 3 अक्टूबर को सुनवाई होगी। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद दुबई में आईसीसी विवाद निवारण समिति इस मुद्दे पर फैसला सुनाएगी, लेकिन इससे पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बयान देते हुए साफ कहा कि भारत पाकिस्तान को कोई पैसा नहीं देगा। 

अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत के दाैरान कहा, ''पिछले कुछ सालों से कई देश मैच खेलने के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि भारत का कोई अधिकारी इस सुनवाई में मौजूद होगा।'' साथ ही, उन्होंने कहा कि हमारा बोर्ड बिना किसी वजह के एक रुपया नहीं देगा आैर ना ही आईसीसी हमारे ऊपर दबाव बना सकता है कि हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलें। अनुराग ने कहा कि पहले पाकिस्तान आतंक रोके, इसके बाद ही हम उनके साथ क्रिकेट खेलने के लिए सोच सकते हैं।
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उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2014 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज कराने को लेकर करार हुआ था। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते बीसीसीआई ने द्विपक्षीय सीरीज कराने से इनकार कर दिया। पीसीबी ने इसके बाद गत नवंबर बीसीसीआई के खिलाफ मुआवजे का दावा ठोक दिया।  

आईसीसी की इस मामले पर सुनवाई से पूर्व पाकिस्तानी बोर्ड ने फिर से बीसीसीआई से करीब 447 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की है। पीसीबी का आरोप है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज रद्द होने से उसे भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। भारतीय बोर्ड ने दो बार पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इंकार किया है।  
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भारत और पाकिस्तान के बीच करार के अंतर्गत 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज होनी थी। वर्ष 2007 में पाकिस्तान के भारत दौरे के बाद से दोनों देशों ने कोई पूर्ण द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली है। इसके एक वर्ष बाद 2008 में मुंबई पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के रिश्ते और खराब हो गए थे। हालांकि, वर्ष 2012 में पाकिस्तान ने भारत दौरा किया था और संक्षिप्त वनडे सीरीज खेली थी। दोनों दो बार एशिया कप में भी एक-दूसरे से खेल चुके हैं। 
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