मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के अगले ODI वर्ल्ड कप अभियान की तैयारियों को लेकर BCCI की आज मुंबई स्थित मुख्यालय में अहम समीक्षा बैठक होने जा रही है। इस बैठक में टीम के प्रदर्शन, चयन और भविष्य की रणनीति के साथ-साथ रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में भूमिका पर भी चर्चा होगी।
बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा रोहित शर्मा का ODI भविष्य माना जा रहा है। वहीं, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की टीम में जगह फिलहाल मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, आगामी वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए तीनों खिलाड़ियों की भूमिका और उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा होगी।
कौन-कौन बैठक में होगा शामिल?
BCCI की इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक में भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई बड़े अधिकारी और टीम के प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे। इसमें कप्तान शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, मुख्य कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और BCCI सचिव देवजीत सैकिया शामिल हैं। बैठक में ज्यादातर सदस्य व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर के वर्चुअली जुड़ने की उम्मीद है।
इस बैठक का उद्देश्य हाल के दौरों में भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करने के साथ-साथ अगले ODI वर्ल्ड कप के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करना है।
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के प्रदर्शन पर भी नजर
भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन ने BCCI की चिंता बढ़ाई है। समीक्षा बैठक में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों के प्रदर्शन पर खास तौर पर चर्चा होगी। भारत को आयरलैंड में T20I सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर टीम को 4-0 से करारी हार झेलनी पड़ी। नॉटिंघम में भारत का महज 125 रन पर ढेर होना हालिया दौर की सबसे खराब घटनाओं में से एक माना गया।
चिंता सिर्फ T20 फॉर्मेट तक सीमित नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ODI सीरीज भी 2-1 से हार गई, जिससे 50 ओवर के फॉर्मेट में भी टीम की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
वर्ल्ड कप 2027 के लिए रोहित-कोहली-जडेजा पर फोकस
बैठक के एजेंडे में सबसे अहम मुद्दा रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा का ODI भविष्य है। विराट कोहली और रवींद्र जडेजा को लेकर फिलहाल स्थिति अपेक्षाकृत स्पष्ट मानी जा रही है, लेकिन रोहित शर्मा के भविष्य पर ज्यादा चर्चा होने की संभावना है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में उनके प्रदर्शन के बाद 50 ओवर की टीम में उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं।
भारत आगामी ODI वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहा है, इसलिए चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट यह तय करना चाहेंगे कि अनुभवी खिलाड़ियों को किस तरह और कितने समय तक टीम की योजनाओं में रखा जाए।
श्रीलंका दौरे के कारण टली थी बैठक
यह हाई-लेवल समीक्षा बैठक पहले श्रीलंका दौरे के कारण आगे बढ़ा दी गई थी। अब इसे व्यापक समीक्षा के तौर पर आयोजित किया जा रहा है। बैठक में सिर्फ हालिया दौरों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि आयरलैंड, इंग्लैंड, जिम्बाब्वे और श्रीलंका के दौरों के दौरान टीम की तैयारियों और प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा।
टीम चयन और रणनीति की कमियों पर होगी चर्चा
BCCI अधिकारियों का उद्देश्य किसी एक खिलाड़ी या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना नहीं है। बैठक में मुख्य रूप से उन कमियों को पहचानने पर जोर रहेगा, जिनकी वजह से टीम की तैयारी, चयन और मैदान पर रणनीतिक क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है। बोर्ड लगातार बेहतर तैयारी और सही टीम संयोजन की दिशा में काम करना चाहता है, ताकि आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले भारतीय टीम की कमियों को दूर किया जा सके।
खिलाड़ियों की फिटनेस और इंजरी मैनेजमेंट भी एजेंडे में
बैठक में खिलाड़ियों के वर्कलोड और इंजरी मैनेजमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में परेशानी बढ़ने के कारण श्रीलंका के खिलाफ मुकाबलों से बाहर रहे थे। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा की फिटनेस का भी आकलन किया जाना है। तीनों खिलाड़ियों के 9 सितंबर को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फिटनेस टेस्ट से गुजरने की उम्मीद है।
मेडिकल टीम और चयनकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
आने वाले समय में भारत का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। नवंबर में टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। ऐसे में BCCI मेडिकल टीम, कंडीशनिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना चाहता है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस को अधिकतम स्तर पर बनाए रखना और चोटों के कारण उनकी उपलब्धता पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी अभी से
BCCI की इस बैठक को भारतीय टीम के अगले बड़े ODI अभियान की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। रोहित, कोहली और जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका से लेकर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने तक, टीम मैनेजमेंट को आने वाले समय के लिए स्पष्ट योजना बनानी होगी।
हालिया दौरों के खराब नतीजों के बाद बोर्ड अब तैयारी, चयन, फिटनेस और रणनीति में सुधार के जरिए वर्ल्ड कप 2027 के लिए मजबूत टीम तैयार करने पर फोकस करना चाहता है।