नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अजहर अली ने राष्ट्रीय टीम में मची उथल-पुथल पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट ने वह 'अनप्रेडिक्टेबिलिटी' (अप्रत्याशितता) भी खो दी है जो कभी उसकी पहचान हुआ करती थी और अब वह सबसे बुरे तरीके से 'कंसिस्टेंट' (लगातार एक जैसा प्रदर्शन करने वाला) हो गया है। उनकी यह टिप्पणी इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के चल रहे टेस्ट दौरे के दौरान हेडिंग्ले और लॉर्ड्स में मिली करारी हार के बाद किए गए बड़े बदलावों के बाद आई है। हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को हटा दिया गया, जबकि 7 खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया गया।
इन फैसलों की आलोचना हुई, शाहिद अफरीदी ने इन्हें 'अब तक का सबसे चौंकाने वाला फैसला' बताया और मिसबाह-उल-हक ने विरोध में सेलेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया। अजहर ने 'द गार्डियन' से कहा, 'लोग कहते थे कि आप पाकिस्तान से कुछ भी उम्मीद कर सकते हैं - कि कोई भी टीम किसी भी दिन मैदान पर उतरकर या तो 46 रन पर ऑल आउट हो सकती है या फिर ऐसी स्थिति से जीत सकती है जिसकी किसी को उम्मीद न हो। लेकिन अब हम वह 'इनकंसिस्टेंसी' (अनियमितता) भी नहीं दिखाते। हम पूरी तरह से 'कंसिस्टेंट' हो गए हैं - लेकिन सबसे नकारात्मक तरीके से।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में क्रिकेट को सही देखभाल और एक ऐसे विजन की जरूरत है जो उस देश को उम्मीद दे सके जो क्रिकेट में अपनी दिलचस्पी खोने की कगार पर है। अगर हमने खुद को नहीं सुधारा, तो हम लोगों को वापस नहीं ला पाएंगे। आप उम्मीद नहीं छोड़ सकते, लेकिन संकेत अच्छे नहीं हैं।'
अजहर ने हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर और सीनियर सेलेक्टर आकिब जावेद की भी आलोचना की और उन पर टीम के प्रदर्शन की जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'पिछले तीन सालों से ऐसे ही खराब फैसले लिए जा रहे हैं। उन्हें प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनके फैसलों पर सवाल उठने चाहिए। मैंने इस हफ्ते उनका इंटरव्यू सुना और वह सरफराज और बाबर पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने ही कुछ महीने पहले उन्हें नियुक्त किया था! किसी को परखने के लिए मेरे लिए इतना ही काफी था। उनके हर फैसले का उल्टा असर होता है और फिर वह कहते हैं: 'यह मेरी गलती नहीं है।' पहले खुद को तो देखिए। और अगर आप इस टीम को संभाल नहीं सकते, अगर आप पाकिस्तान क्रिकेट में कोई बदलाव नहीं ला सकते, तो हट जाइए।'
अजहर ने कप्तान बाबर आजम के प्रति भी सहानुभूति जताई और कहा कि इस अस्थिरता ने उनके काम को बेहद मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा, 'शायद अभी पाकिस्तान की कप्तानी करने का सबसे बुरा समय है। मुझे लगता है कि उन्हें अपने विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है जब वे कम स्कोर बनाते हैं, लेकिन एक देश के तौर पर हम उनसे लगातार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करते रहे और फिर उनकी आलोचना भी हुई।'
उन्होंने कहा, 'इस बात का उनके दिमाग पर असर पड़ा है और उन्हें खुद पर शक होने लगा है, जबकि उन्हें अंदर से कोई खास सपोर्ट भी नहीं मिला। मुझे नहीं लगता कि वे मानसिक रूप से मिस्बाह या यूनिस खान जितने मजबूत हैं। मिस्बाह, बाबर जितने टैलेंटेड नहीं थे, लेकिन वे कहीं ज्यादा मज़बूत थे। यूनिस को भी आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा। हालांकि, हर कोई अलग होता है। हमें यह समझना होगा और ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें वे बेहतर कर सकें, न कि उन्हें पीछे खींचा जाए।' अजहर ने पाकिस्तान क्रिकेट को चलाने वालों से एक स्थिर ढांचा बनाने और लंबे समय तक सपोर्ट देने की अपील की।