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जालन्धर : ऑस्ट्रेलियन ओपन में इस बार खिलाडिय़ों को गर्मी से बचाने के लिए नया नियम बनाया गया है। इसके तहत अगर कोर्ट पर 40 डिग्री से ज्यादा तापमान है तो खेल को रोका जा सकता है। दरअसल बते साल दौरान बढ़ती गर्मी के कारण कई दिग्गज प्लेयर्स मैच दौरान बार-बार ब्रेक लेते दिखाई दे रहे थे। सर्बिया के नोवाक जोकोविच जोकि टेनिस के सबसे फिट प्लेयर्स में एक है, भी इससे परेशान दिखे। वहीं, फ्रांस के गेल मोंफिल्स तो गर्मी से इतना आहत थे कि उन्हें अपने सिर पर पानी तक डालना पड़ा। फ्रांस के ही एलाइज कॉर्नेट ने तो यहां तक कह दिया कि वह तो कोर्ट पर बेहोश तक होने वाली थीं। 

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क्या है हीट स्ट्रेस स्केल : इस टूर्नामेंट के दौरान गर्मी से कोर्ट पर काफी गर्मी हो जाती है जिससे खिलाडिय़ों को तकलीफ होती है। इसके लिए पहली बार ‘हीट स्ट्रेस स्केल’ का इस्तेमाल होगा। यानि इससे पता लगाया जा सकेगा कि गर्मी का दबाव कितना है और क्या खेल आगे बढ़ाया जा सकता है या नहीं। इसके लिए मौसम का पूवार्नुमान लगाने वाले और उपकरण भी इस्तेमाल होंगे। टेनिस ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कैरोलिन ब्रोडरिक ने कहा कि यह स्केल किसी एथलीट द्वारा दबाव सहने की अधिकतम क्षमता, आने वाले पसीने और तापमान के आधार पर काम करेगा।

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यह नियम भी बदले : नए नियम के तहत, एक से पांच अंक वाले इस स्केल पर जब चार का अंक आएगा तो महिला सिंगल्स में दूसरे और तीसरे सेट के बीच या पहले दो सेट के बीच दस मिनट का ब्रेक दिया जाएगा। पुरुषों के मैच में ऐसी स्थिति होने पर तीसरे सेट के बाद यह ब्रेक दिया जाएगा। लेकिन अगर स्केल पर 5 का अंक आ जाएगा तो खेल रोक दिया जाएगा। पहले जब तापमान 40 डिग्री (104 फॉरेनहाइट) से ज्यादा होता था तो खेल रोका जा सकता था या कोर्ट की छत बंद कर दी जाती थी।

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