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स्पोर्ट्स डेस्क : 2010 में पति के देहांत के बाद वैदेही अंकोलेकर ने बीईएसटी में महिला बस कंडक्टर की नौकरी की। उन्होंने अपने बेटे अथर्व अंकोलेकर के क्रिकेट खेलने के हर सपने को साकार किया। आज यही अथर्व भारत के लिए अंडर-29 क्रिकेट एशिया कप लाने में भारतीय टीम का बड़ा स्टार बन गया है। अथर्व का पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन रहा। अथर्व ने चार मैचों में 12 विकेट लेकर टीम इंडिया का एशिया कप जीतने का सपना पूरा किया। अथर्व ने फाइनल मुकाबले में 28 रन देकर पांच विकेट भी लिए। इसी के साथ वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बना।

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रिजवी कॉलेज ऑफ आट्र्स, साइंस एंड कॉमर्स में जूनियर कॉलेज कॉमर्स में दूसरे वर्ष के छात्र अथर्व की जब भारतीय अंडर-19 टीम में सिलेक्शन हुई थी तो उनकी मां को लगभग 40,000 बधाई संदेश मिल चुके थे। अथर्व की मां वैदेही अंकोलेकर बीईएसटी में महिला बस कंडक्टर है जबकि उनके पिता का देहांत 2010 में हो गया था। बेटे के सिलेक्शन के बाद अंकोलेकर ने बीईएसटी को शुक्रिया कहा है। 

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इस बारे में बात करते हुए वैदेही अंकोलेकर ने कहा कि बीईएसटी कर्मचारियों और रिश्तेदारों से बधाई संदेश मिलने पर मैं सभी की आभारी हूं, यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। अंकोलेकर ने कहा कि उनके पति विनोद एकमात्र घर में कमाने वाले थे। उनकी मृत्यु के बाद मैंने घर पर ट्यूशन देनी शुरू की और बाद में पति की बीईएसटी में कंडक्टर की नौकरी मुझे मिल गई। अंकोलेकर ने बीईएसटी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इनकी वजह से ही मैं अपने बेटे के सपने को पूरा कर सकी हूं। 

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वहीं भारतीय अंडर 19 टीम में जगह मिलने के बाद अथर्व ने कहा कि वह अपने पिता को बेहद याद कर रहा है। उसने कहा कि पिता जी खाट के बगल में क्रिकेट बैट रखते थे। मेरे बड़े होने पर वह मुझे खेल खेलने के लिए बल्ले, दस्ताने और हेलमेट उपहार के रूप में देते थे। मुझे वह सब बातें याद आती हैं। अथर्व ने कहा कि मैं कड़ी मेहनत करूंगा और टीम इंडिया के लिए खेलूंगा। 

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