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स्पोर्ट्स डेस्क: बैडमिंटन एशिया जूनियर मिश्रित टीम चैंपियनशिप 2026 में भारतीय टीम का अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। जापान के यत्सुशिरो में खेले गए मुकाबले में हांगकांग ने भारत को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन अगले दो मुकाबलों में बढ़त कायम नहीं रख सका। देव रूपारेलिया, तन्वी पत्री और अन्य युवा खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में हांगकांग की टीम ज्यादा मजबूत साबित हुई।

क्वार्टर फाइनल में भारत को मिली हार

सोमवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत को हांगकांग के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया, जबकि हांगकांग ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली।

देव रूपारेलिया और तन्वी पत्री ने दिलाई शानदार शुरुआत

भारत की ओर से पहले मुकाबले में देव रूपारेलिया और तन्वी पत्री की जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 55-44 से अपने नाम कर मुकाबले में शानदार शुरुआत की। हालांकि दूसरे गेम में हांगकांग के कैन यी हेई ने रूपारेलिया पर दबाव बनाया और 11-8 से जीत दर्ज की। इसके बाद आईपी सुम याउ ने भी बढ़त हासिल करते हुए स्कोर 22-16 कर दिया। निर्णायक गेम में रूपारेलिया ने वापसी करते हुए चान को 11-9 से हराया, लेकिन आईपी सुम याउ ने 22-21 की मामूली बढ़त बनाए रखकर हांगकांग को मुकाबले में बनाए रखा।

दूसरे मुकाबले में कड़ी टक्कर के बावजूद मिली हार

अगले मैच में भारत के ब्योर्न जैसन और डियांका वाल्डिया का सामना चियुंग साइ शिंग और विंग चि चू से हुआ। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और एक समय स्कोर 11-11 की बराबरी पर था। भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए टीम को 33-32 की बढ़त दिलाई, लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने पक्ष में मोड़ लिया।

आखिरी मुकाबले में नहीं बचा सके भारत की उम्मीदें

निर्णायक मुकाबले में भारत की तन्वी रेड्डी और बरूनी पर्शवाल से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें चू और यी कियू यू की जोड़ी के खिलाफ 5-11 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने सेट 43-55 से गंवा दिया और हांगकांग ने मुकाबला 2-1 से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

युवा खिलाड़ियों ने दिखाया दम, लेकिन अधूरा रह गया सपना

भारतीय जूनियर खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कई शानदार प्रदर्शन किए, लेकिन क्वार्टर फाइनल में टीम निर्णायक मौकों का फायदा नहीं उठा सकी। इसके बावजूद युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।