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जालन्धर : 18वें एशियन गेम्स में भारत के लिए शॉटपुट इवैंट में रिकॉर्ड 20.75 मीटर गोला फैंकने वाले तेजिंदरपाल सिंह तूर भले ही इस प्रतिष्ठित गेम्स में गोल्ड जीत गए लेकिन इसके बावजूद वह अपने पिता का एक सपना पूरा नहीं कर पाए। दरअसल, तूर के पिता कर्म सिंह बोन कैंसर से पीड़ित थे। तूर का सपना था कि वह पिता के हाथों में अपना गोल्ड मैडल रखकर उन्हें गर्व से सिर ऊंचा करता देखें। लेकिन लगता है कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जकार्ता से दिल्ली पहुंचे तूर जब सड़क मार्ग से अपने मोगा स्थित गांव को जा रहे थे तभी रास्ते में उन्हें पता चला कि उनके पिता की मौत हो गई है।

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तेजिंदर के पिता करम सिंह को 2015 में स्किन कैंसर हुआ था। लेकिन अच्छा रहा कि पहली ही स्टेज में यह पकड़ में आ गया और महज सर्जरी से इसे ठीक कर लिया गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक साल बाद करम सिंह बोन कैंसर से पीड़ित हो गए। यह कैंसर इतना फैल गया कि वह इसकी चौथी व लाइलाज स्टेज पर पहुंच गए। क्योंकि तेजिंदर भारतीय नेवी में जॉब करते हैं इसके उनके पिता के इलाज का खर्च भारतीय नेवी ही उठा रही थी।

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एथेलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने भी ट्विट कर तूर के साथ शोक जताया है। एएफआई ने अपने ट्विट लिखा है कि हम गहरे सदमे में हैं। हमारे एशियन शॉटपुट चैंपियन गोल्ड मेडलिस्ट एयरपोर्ट से होटल जाने के रास्ते पर थे, तब ही हमारे पास उनके पिता के निधन की दुखद खबर पहुंची। उनकी आत्मा को शांति मिले। तजिंदर और उनके परिवार के साथ हमारी संवदनाएं हैं।

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