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कोलकाता : भारतीय फुटबॉल टीम मंगलवार को एएफसी एशियाई कप क्वालीफायर के ग्रुप डी के अपने आखिरी मैच में जब हांगकांग के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो उसकी उम्मीदें एक बार फिर से पिछली दो जीत के सूत्रधार रहे करिश्माई खिलाड़ी सुनील छेत्री पर टिकी होगी। दोनों टीमें के नाम अब तक दो-दो जीत के साथ एक समान छह अंक है लेकिन कोच जोन एंडरसन की टीम गोल अंतर के मामले में भारत से बेहतर स्थिति में है। ऐसे में भारतीय टीम को 24 देशों की प्रतियोगिता में  अगर-मगर से बचते हुए जगह  बनाने के लिए इस मैच को जीतना होगा।

छह ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीमें के अलावा अगली सर्वश्रेष्ठ पांच टीमें मुख्य दौर के लिए क्वालीफाई करेगी। भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने इस मैच को जीत कर लगातार दूसरे और कुल पांचवें बार इसके लिए क्वालीफाई करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

दूसरी ओर, हांगकांग की निगाहें 1968 के बाद अपने पहले एशिया कप क्वालीफिकेशन पर है। रैंकिंग में भारत (106) हांगकांग (147) से काफी आगे है। लेकिन मौजूदा प्रतियोगिता में हांगकांग ने काफी प्रभावित किया है।

भारतीय कोच इगोर स्टीमक ने कहा- अगर हम कल के मैच में हार गये तो कंबोडिया के खिलाफ हमें जो तीन अंक मिले उसका कोई मतलब नहीं रहेगा। हम इस समय शून्य पर हैं। हमने अच्छा खेला है लेकिन हांगकांग एक अलग चुनौती होगी।

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